
अहमदाबाद: अहमदाबाद स्थित अदाणी यूनिवर्सिटी में आयोजित ‘CHIPS 2026’ (कॉन्क्लेव ऑन हार्डवेयर, इनोवेशन, प्रोसेसिंग एंड सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजीज) सम्मेलन में तकनीक और शिक्षा जगत के कई दिग्गज एक मंच पर एकत्र हुए। इस दौरान अडानी यूनिवर्सिटी की अध्यक्ष डॉ. प्रीति अदाणी ने अपने संबोधन में कहा कि भारत के सेमीकंडक्टर और एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) के सपनों को साकार करने के लिए केवल आधुनिक कारखानों और मशीनों की नहीं, बल्कि अत्यधिक कुशल प्रतिभाओं और इंसानी बुद्धिमत्ता की सबसे अधिक आवश्यकता है।

डॉ. प्रीति अदाणी ने जोर देते हुए कहा कि तकनीकी प्रगति इस बात पर निर्भर नहीं करती कि हमारी मशीनें कितनी बुद्धिमान हो चुकी हैं, बल्कि इस बात पर निर्भर करती है कि हम एक बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए अपनी मानवीय बुद्धिमत्ता का कितनी समझदारी से उपयोग करते हैं। उन्होंने भारत सरकार के ‘इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन’ और गुजरात के धोलेरा तथा सानंद में चल रही परियोजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि देश अब डिजाइन, विकास और मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में तेजी से आत्मनिर्भर हो रहा है।
अदाणी समूह के विजन का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी ने वर्ष 2035 तक नवीकरणीय ऊर्जा से संचालित एआई बुनियादी ढांचे के लिए 100 बिलियन अमेरिकी डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। साथ ही, अडानी यूनिवर्सिटी अपने आगामी बहु-विषयक वैश्विक परिसर में सेमीकंडक्टर डिजाइन, विनिर्माण और पैकेजिंग में विशेषज्ञता विकसित करने की दिशा में काम कर रही है ताकि अकादमिक शिक्षा को सीधे उद्योग की व्यावहारिक जरूरतों से जोड़ा जा सके। इस प्रतिष्ठित सम्मेलन में क्वालकॉम, माइक्रोन, सिनॉप्सिस और एनएक्सपी जैसे वैश्विक तकनीकी दिग्गजों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया और भविष्य की संभावनाओं पर मंथन किया।









