Adani Power Q2 Results: दूसरी तिमाही में मुनाफा 141% बढ़कर ₹7,019 करोड़, रेवेन्यू में भी बड़ा उछाल

अदाणी पावर का दूसरी तिमाही में मुनाफा 141.5% बढ़कर ₹7,019 करोड़ हुआ। रेवेन्यू, EBITDA और बिजली उत्पादन क्षमता विस्तार की पूरी जानकारी पढ़ें।

Adani Power Q2 FY27 Results: अदाणी समूह की कंपनी अडानी पावर लिमिटेड (APL) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही के वित्तीय नतीजे घोषित कर दिए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले 141.5% बढ़कर ₹7,019.32 करोड़ हो गया। वित्त वर्ष 2025-26 की दूसरी तिमाही में कंपनी ने ₹2,906.46 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था।

कंपनी के मुताबिक, बिजली की बढ़ती मांग, बिजली बिक्री की अधिक मात्रा, बेहतर टैरिफ और मर्चेंट मार्केट में बेहतर कीमतों से वित्तीय प्रदर्शन को मजबूती मिली है।

रेवेन्यू में 39.4% की बढ़ोतरी

अदाणी पावर का दूसरी तिमाही में कुल रिपोर्टेड रेवेन्यू 39.4% बढ़कर ₹19,950.60 करोड़ पहुंच गया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह ₹14,307.79 करोड़ था। वहीं, कंपनी का कंटिन्यूइंग ऑपरेशंस से रेवेन्यू 29.8% बढ़कर ₹17,014.06 करोड़ हो गया।

कंपनी का रिपोर्टेड EBITDA 45.7% बढ़कर ₹8,743.22 करोड़ दर्ज किया गया। वहीं, कंटिन्यूइंग EBITDA में 18.5% की वृद्धि हुई और यह ₹6,320.97 करोड़ रहा।

रिपोर्टेड प्रॉफिट बिफोर टैक्स में भी 71.2% की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह पिछले साल की समान तिमाही के ₹3,966.20 करोड़ से बढ़कर ₹6,791.76 करोड़ हो गया।

बिजली की मांग बढ़ने से मिला फायदा

वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में भारत में बिजली की मांग सालाना आधार पर 11.5% बढ़कर 502 बिलियन यूनिट (BU) पहुंच गई। इस दौरान कुल बिजली उत्पादन में भी 11% की बढ़ोतरी हुई और यह 536 बिलियन यूनिट रहा।

देश में बिजली की अधिकतम मांग 270 गीगावाट (GW) तक पहुंच गई, जो पिछले साल की समान अवधि में 230 GW थी। उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में अधिकतम मांग 27-27 GW दर्ज की गई।

अदाणी पावर ने बताया कि बिजली की बढ़ती मांग के कारण पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) के तहत बिक्री में वृद्धि हुई। कंपनी की PPA के तहत बिजली बिक्री 29.7% बढ़कर 23.4 बिलियन यूनिट हो गई।

बिजली उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर जोर

अदाणी पावर अपनी उत्पादन क्षमता में 23,720 मेगावाट की अतिरिक्त बढ़ोतरी करने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी के मुताबिक, कोरबा फेज-II की 1,320 मेगावाट और महान फेज-II की 1,600 मेगावाट परियोजनाओं का निर्माण उन्नत चरण में है।

कोरबा फेज-II की पहली 660 मेगावाट सुपरक्रिटिकल यूनिट को ग्रिड से जोड़ दिया गया है और इसे जल्द चालू किए जाने की उम्मीद है। दूसरी यूनिट के वित्त वर्ष 2026-27 की चौथी तिमाही में चालू होने की संभावना है।

इसके अलावा, रायपुर फेज-II और रायगढ़ फेज-II की 1,600-1,600 मेगावाट की परियोजनाओं में भी तेजी से काम चल रहा है। कंपनी का लक्ष्य देश में बढ़ती बिजली की मांग को पूरा करने के लिए उत्पादन क्षमता का विस्तार करना है।

हाइड्रोपावर सेक्टर में भी विस्तार

अदाणी पावर ने उत्तराखंड स्थित 330 मेगावाट के अलकनंदा हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्लांट का संचालन करने वाली GVK Energy Limited के लिए सफल समाधान आवेदक घोषित किए जाने की जानकारी दी है। इस अधिग्रहण से कंपनी को हाइड्रोपावर क्षेत्र में प्रवेश करने का अवसर मिलेगा।

इसके अलावा, कंपनी ने भूटान की सरकारी इकाई Druk Green Power Corporation Limited के साथ 770 मेगावाट की चमकारछू हाइड्रोपावर परियोजना के लिए शेयरधारक समझौता किया है। इस संयुक्त परियोजना में अडानी पावर की हिस्सेदारी 49% और DGPC की हिस्सेदारी 51% होगी।

क्रेडिट रेटिंग में सुधार

कंपनी के मुताबिक, CARE Ratings और India Ratings ने अडानी पावर की क्रेडिट रेटिंग को ‘AA; Stable’ से बढ़ाकर ‘AA+; Stable’ कर दिया है। यह बदलाव कंपनी के वित्तीय और परिचालन प्रदर्शन, बाजार में उसकी स्थिति और विस्तार योजनाओं के लिए उपलब्ध वित्तीय क्षमता को ध्यान में रखते हुए किया गया है।

कंपनी ने 30 सितंबर 2026 तक कुल बकाया कर्ज ₹61,860.37 करोड़ बताया, जबकि 31 मार्च 2026 को यह ₹53,555.54 करोड़ था। इस अवधि में नेट डेट ₹45,845.92 करोड़ रहा, जो मार्च 2026 के ₹45,022.02 करोड़ से अधिक है।

H1 FY27 में भी मुनाफे में मजबूत वृद्धि

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में अडानी पावर का शुद्ध मुनाफा 91.4% बढ़कर ₹11,885.92 करोड़ हो गया। पिछले वित्त वर्ष की पहली छमाही में कंपनी ने ₹6,211.59 करोड़ का मुनाफा दर्ज किया था।

पहली छमाही में कुल रिपोर्टेड रेवेन्यू 36% बढ़कर ₹39,272.90 करोड़ पहुंच गया। वहीं, रिपोर्टेड EBITDA 40.8% बढ़कर ₹17,112.31 करोड़ रहा।

कंपनी के मुताबिक, बढ़ती बिजली मांग, बेहतर बिजली बिक्री दरों और परिचालन लागत पर नियंत्रण से वित्तीय प्रदर्शन को समर्थन मिला। साथ ही, कंपनी देश में बढ़ती बिजली जरूरतों को पूरा करने के लिए नई थर्मल और हाइड्रोपावर परियोजनाओं पर काम कर रही है।

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