
उत्तर प्रदेश की कानपुर पुलिस ने डिजिटल अरेस्ट, गेमिंग ऐप्स, हनीट्रैप और अवैध तस्करी के जरिए लोगों को चूना लगाने वाले 400 करोड़ रुपये के विशाल अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी सिंडिकेट पर शिकंजा कस दिया है। गिरोह के सरगनाओं को दबोचने के लिए कानपुर पुलिस की स्पेशल टीमों ने दिल्ली और पंजाब में ताबड़तोड़ छापेमारी की है। अब तक की जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट ने देश भर के 650 से अधिक निर्दोष लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है।
बता दें, कार्रवाई के तहत पुलिस ने 25-25 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपियों – लिटिल मोंगा और प्रतीक कालरा के ठिकानों पर दबिश दी है। अदालत में हाजिर न होने की स्थिति में उनके मकानों व संपत्तियों की कुर्की की चेतावनी भी चस्पा कर दी गई है। जांच में दिल्ली निवासी अजय के बैंक खाते का खुलासा हुआ है, जिसमें 80 करोड़ रुपये के संदिग्ध ट्रांजेक्शन पाए गए थे, जिसके बाद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए खाते में मौजूद 13.80 लाख रुपये तुरंत फ्रीज करा दिए हैं।
इस हाई-प्रोफाइल साइबर अपराध के तार पाकिस्तान और श्रीलंका से जुड़े होने की आशंका जताई जा रही है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तीन मुख्य भगोड़े आरोपियों के खिलाफ लुकआउट सर्कुलर जारी कर दिया गया है। वहीं, बर्रा थाने में आरोपी सुल्तान मिर्जा के खिलाफ नया मुकदमा दर्ज किया गया है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।









