
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से चरम पर पहुंच गया है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने सशस्त्र बलों के सीनियर कमांडरों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक के दौरान अमेरिका और उसके सहयोगियों को कड़ी चेतावनी दी है। मोजतबा खामेनेई ने सैन्य कमांडरों को निर्देश दिया है कि देश के सामने आने वाले हर खतरे का मुकाबला “तुरंत, असरदार और बिना रोक-टोक वाली भौगोलिक प्रतिक्रिया” से किया जाना चाहिए।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर जारी बयानों के मुताबिक, खामेनेई ने दो टूक कहा है कि यदि दुश्मन देश की तरफ से कोई भी सैन्य या आतंकवादी हमला दोबारा शुरू होता है, तो इस्लामिक गणराज्य की सेना और ईरानी जनता उसका मुंहतोड़ जवाब देगी और निर्णायक कार्रवाई का वक्त व हालात खुद तय करेगी। उन्होंने अपनी रक्षात्मक तैयारियों को और मजबूत करने के साथ-साथ ‘मैक्सिमम डिटरेंस’ (अधिकतम प्रतिरोध) पर जोर दिया है।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने व्हाइट हाउस में संवाददाताओं से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया है कि वॉशिंगटन ईरान के साथ संघर्ष समाप्त करने की जल्दी में नहीं है। ट्रम्प ने कहा कि ईरानी अर्थव्यवस्था और प्रशासन भारी संकट से गुजर रहा है, ऐसे में समय अमेरिकी पक्ष के अनुकूल है। हालांकि, कतरी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तनाव कम करने के लिए कतर की राजधानी दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत का एक शुरुआती ड्राफ्ट फ्रेमवर्क तैयार किया गया है।
इस प्रस्तावित फ्रेमवर्क के तहत ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम स्टॉक को किसी तीसरे देश को ट्रांसफर करने या उसका संवर्ढ़ीकरण स्तर घटाने का प्रस्ताव है। इसके साथ ही, इसके बदले में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय शिपिंग ट्रैफिक के लिए दोबारा खोले जाने की बात कही जा रही है, जिसमें चीन गारंटर की भूमिका निभा सकता है। यदि यह कूटनीतिक पहल सफल होती है, तो दोनों देशों के बीच जारी महीनों की तनातनी पर विराम लग सकता है।









