अग्निवीरों की सेवा अवधि 2 साल बढ़ाने के फैसले का ब्रजेश पाठक ने किया स्वागत, बोले- लंबे समय से उठ रही थी मांग

लखनऊ: केंद्र सरकार की ओर से अग्निवीरों की सेवा अवधि दो साल बढ़ाने के फैसले का उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने स्वागत किया है। उन्होंने इसे अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए अग्निवीरों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम बताया। गुरुवार को समाचार एजेंसी ANI से बातचीत में ब्रजेश पाठक ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा लिए गए इस फैसले की सराहना की और उत्तर प्रदेश के सभी अग्निवीरों को बधाई दी।

ब्रजेश पाठक ने कहा कि केंद्र सरकार ने अग्निवीरों की लंबे समय से चली आ रही मांग को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। उन्होंने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि इससे अग्निवीरों को लाभ मिलेगा।

वहीं, उत्तर प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना ने भी सेवा अवधि में दो साल के विस्तार का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस फैसले से अग्निवीरों को अतिरिक्त अनुभव और कौशल हासिल करने का अवसर मिलेगा। साथ ही उनके भविष्य में रोजगार और करियर की संभावनाएं भी बेहतर होंगी।

सुरेश खन्ना के मुताबिक, अग्निवीरों की शुरुआती चार साल की सेवा अवधि के बाद अब उन्हें दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल मिल सकेगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रक्षामंत्री राजनाथ सिंह को इस निर्णय के लिए बधाई दी।

क्या होगा नई व्यवस्था में बदलाव?

संशोधित व्यवस्था के तहत अग्निपथ योजना में शुरुआती चार साल का कार्यकाल बरकरार रहेगा। चार साल पूरे होने के बाद 25 प्रतिशत अग्निवीरों को योग्यता और मेरिट के आधार पर सशस्त्र बलों में नियमित सेवा का अवसर दिया जाएगा।

वहीं, शेष 75 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी इच्छा के आधार पर दो साल की दूसरी सेवा अवधि में शामिल होने का विकल्प मिलेगा। इस दौरान उन्हें अधिक वेतन, बेहतर सेवा निधि पैकेज और वरिष्ठता से जुड़े लाभ दिए जाएंगे।

इस तरह दूसरी सेवा अवधि पूरी होने के बाद अग्निवीरों का कुल सेवा कार्यकाल छह साल हो जाएगा। इसके बाद उन्हें नियमित सैनिक के रूप में सेना में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा। हालांकि, इसके लिए उनकी सहमति और निर्धारित चयन मानदंडों को पूरा करना जरूरी होगा।

पहले चार साल की समीक्षा के बाद फैसला

केंद्र सरकार का यह निर्णय अग्निपथ योजना के शुरुआती चार वर्षों की समीक्षा के बाद लिया गया है। रक्षा बलों की ओर से अग्निवीरों के प्रदर्शन, शारीरिक फिटनेस, अनुशासन, प्रेरणा और तकनीकी क्षमताओं को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी गई है।

इसके अलावा योजना के तहत अलग-अलग जिलों तक भर्ती प्रक्रिया का विस्तार हुआ है। भर्ती प्रक्रिया को मानकीकृत किया गया है और रक्षा बलों की अधिक शाखाओं में महिलाओं के लिए भी अवसर बढ़ाए गए हैं।

केंद्र सरकार के इस फैसले को अग्निवीरों के अनुभव, कौशल और भविष्य के करियर को बेहतर बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। वहीं, यूपी के दोनों वरिष्ठ नेताओं ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे अग्निवीरों के हित में बताया है।

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