
तृणमूल कांग्रेस (TMC) की सांसद महुआ मोइत्रा ने केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के आरोपों पर पलटवार करते हुए भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर गंभीर सवाल उठाए हैं। महुआ मोइत्रा ने दावा किया कि कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं ने खुद स्वीकार किया है कि उन्हें विदेशी स्रोतों से नहीं, बल्कि बीजेपी से फंडिंग मिल रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि CJP के सदस्यों को बीजेपी की ओर से चुनावी बॉन्ड के जरिए पैसा दिया गया है।
महुआ मोइत्रा ने कहा कि CJP के सदस्य अशुतोष रांका और सौरव पहले ही बता चुके हैं कि उन्हें बीजेपी से फंड मिल रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने अपने आरोपों में सौरव का नाम क्यों नहीं लिया, जबकि उनके मुताबिक सौरव को भी बीजेपी से फंडिंग मिल रही है।
महुआ मोइत्रा ने कहा, “CJP पहले ही कह चुकी है कि उन्हें बीजेपी से पैसा मिल रहा है, विदेशी स्रोतों से नहीं। अशुतोष, सौरव और अन्य लोगों ने बताया है कि उन्हें बीजेपी से चुनावी बॉन्ड के जरिए पैसा मिला है। ऐसे में समस्या क्या है? सौरव को क्यों छोड़ दिया गया? उन्हें भी बीजेपी फंडिंग कर रही है।” उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जितेंद्र सिंह कहते हैं कि उन्हें पता है कि इन लोगों को फंडिंग कौन कर रहा है। जाहिर है, बीजेपी ही उन्हें फंडिंग कर रही है।
दरअसल, बुधवार को केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कर्नाटक के बेंगलुरु में मीडिया से बातचीत के दौरान कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं पर विदेशी और देश विरोधी संगठनों से फंडिंग लेने के आरोप लगाए थे। उन्होंने दावा किया था कि इस बात के पर्याप्त सबूत हैं कि अभिजीत दिपके को अनधिकृत स्रोतों से पैसा मिल रहा है।
जितेंद्र सिंह ने आरोप लगाया था कि विदेशी फंडिंग वाले NGO, डीप स्टेट से जुड़े लोग और भारत विरोधी ताकतें देश में एक खास नैरेटिव तैयार कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि अभिजीत दिपके को अमेरिका स्थित दानदाताओं से फंडिंग मिल रही है, जबकि अशुतोष रांका को पाकिस्तानी राजनेताओं से पैसा मिल रहा है।
वहीं, इस मुद्दे पर कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने भी बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस को विदेशी फंडिंग मिलने के आरोपों पर सवाल उठाते हुए सबूत पेश करने की चुनौती दी। खड़गे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर खुली बहस करने की चुनौती दी और कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत इस बहस के मॉडरेटर बनें।
प्रियांक खड़गे ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, विदेश मंत्री एस. जयशंकर और खुफिया एजेंसियों IB तथा RAW की भूमिका पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि बिना ठोस सबूत सार्वजनिक किए इस तरह के आरोप कैसे लगाए जा रहे हैं।
इस पूरे मामले को लेकर बीजेपी और विपक्षी नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।









