
लखनऊ; मार्च में हड़ताल करने वाले बिजली कर्मचारी नेताओं की योगी सरकार संपत्ति की जांच करवाएगी. पुलिस अधीक्षक उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान ने बिजली कंपनियों के प्रबंध निदेशकों से संबंधित अधिकारियों के मूल दस्तावेज़ के साथ ब्योरा माँगा है. बिजली कर्मचारियों की हड़ताल पर हाईकोर्ट ने कड़ा रुख़ अपनाया था. जिसके बाद से सभी संबंधित अभियंता निलंबित चल रहे हैं.
गौरतलब है कि ऊर्जा निगम में हड़ताल पर रोक के बावजूद विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कई विद्युत अभियंता व कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल की थी. हड़ताल के चलते प्रदेश वासियों को गंभीर बिजली संकट से जूझना पड़ा था. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे गंभीरता से लेते हुए संबंधित संगठनों के पदाधिकारियों के ख़िलाफ़ कार्रवाई के निर्देश दिए थे.
वहीं, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भी हड़ताल का संज्ञान लेते हुए कड़ा रुख़ दिखाया था. जिसके बाद योगी सरकार ने हड़ताल के लिए उकसाने वाले सेवारत नेताओं के ख़िलाफ़ केस दर्ज कर उन्हें निलंबित कर दिया था.
अब योगी सरकार ने पदाधिकारियों की परिसंपत्तियों की जांच के आदेश दिए हैं. इस फेहरिस्त में उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद अभियंता संघ के महासचिव जितेंद्र सिंह व उपाध्यक्ष प्रभात सिंह, जूनियर इंजीनियर संगठन के अध्यक्ष सहायक अभियंता जय प्रकाश भारतीय, राज्य विद्युत प्रतिशत प्राविधिक कर्मचारी संघ के अध्यक्ष चंद्र भूषण उपाध्याय, केंद्रीय महासचिव मो वसीम सहित 2 अन्य पदाधिकारी शामिल हैं.









