
मॉस्को (रूस), ANI: निजी रूसी सैन्य बल ‘वैगनर’ ने रूस की राजधानी मॉस्को पर अपना कब्जा करने का निर्णय बदल दिया है. ‘वैगनर सेना’ के प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन ने यह निर्णय भीषण रक्तपात से बचने के लिए लिया है. वहीं, मीडिया रिपोर्टेस के मुताबिक बेलारूसी राष्ट्रपति अलेक्जेंडर लुकाशेंको की मध्यस्थता के चलते वैगनर सेना ने मॉस्को तक मार्च करने के अपने फैसले को टाल दिया है.
रूसी राष्ट्रपति निवास क्रेमलिन के प्रवक्ता ने शनिवार को कहा था कि वैगनर नेता येवगेनी प्रिगोझिन के खिलाफ आरोप लगाए गए हैं. जिन्होंने सशस्त्र सेना का नेतृत्व किया था. क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने बताया कि प्रिगोझिन बेलारूस जाएंगे और उनके साथ विद्रोह करने वाले सैनिकों पर उनकी “मोर्चे पर सेवा” को देखते हुए मुकदमा नहीं चलाया जाएगा.
वहीं, न्यूयॉर्क टाइम्स ने पेसकोव के हवाले से कहा है कि वैगनर लड़ाके जिन्होंने विद्रोह में भाग नहीं लिया था, वे रूसी रक्षा मंत्रालय के साथ अनुबंध पर हस्ताक्षर कर सकते हैं. यह बात तब सामने आई जब बेलारूसी राष्ट्रपति ने कहा कि वह “तनाव कम करने” के लिए एक समझौते के बारे में वैगनर सेना प्रमुख प्रिगोझिन के साथ बातचीत कर रहे हैं.
बेलारूस के विदेश मंत्रालय ने ट्विटर पर लिखा, “आज रात 9 बजे, रूस व बेलारूस के राष्ट्रपतियों ने फिर से फोन पर बात की. बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको ने वैगनर समूह के नेता के साथ बातचीत के परिणामों के बारे में रूस के राष्ट्रपति को सूचित किया.
राष्ट्रपति पुतिन ने इसको लेकर बेलारूस के राष्ट्रपति लुकाशेंको को धन्यवाद ज्ञापित किया है. सोशल मीडिया पर प्रसारित कई वीडियो के अनुसार, वैगनर के बख्तरबंद वाहनों ने शनिवार रात दक्षिण-पश्चिम रूस में रोस्तोव-ऑन-डॉन के सैन्य केंद्र से प्रस्थान करना शुरू कर दिया है.
हालाँकि, प्रिगोझिन ने पहले इस बारे में उल्लेख नहीं किया था कि क्या उनकी सेनाएँ दक्षिणी शहर रोस्तोव-ऑन-डॉन से भी पीछे हट रही हैं, यहां ‘वैगनर’ ने महत्वपूर्ण सैन्य और नागरिक इमारतों को जब्त कर लिया गया था.









