
UP के आयुष कॉलेजों में फर्जी दखलों की CBI जांच को चुनौती देने के मामले में सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई की गई हैं। आयुष कॉलेजों में फर्जी दाखलों के मामले में UP सरकार को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी दी गई हैं। फिलहाल SC ने मामले में CBI जांच के HC के आदेश पर रोक लगाई। सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार की याचिका पर नोटिस जारी किया हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार CBI जांच से क्यों बच रही है। यह गंभीर मामला है, एक बड़ा घोटाला है। यूपी सरकार इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इलाहाबाद HC ने मामले में आरोपी रितु गर्ग को ज़मानत देते हुए मामले की CBI जांच का आदेश दिया था। HC ने पूर्व मंत्री और तत्कालीन अपर मुख्य सचिव की भूमिका संदिग्ध मिलने पर सख्त एक्शन लेने का भी आदेश दिया था।
आरोपी रितु गर्ग को इलाहाबाद हाईकोर्ट ने जमानत दी थी। HC ने तत्कालीन ACS प्रशांत त्रिवेदी की भूमिका पर सवाल किए थे। तत्कालीन ACS की भूमिका संदिग्ध मिलने पर एक्शन के आदेश थे। IAS प्रशांत त्रिवेदी पर 25 लाख की रिश्वत लेने का आरोप था। पूर्व मंत्री पर भी रिश्वत लेने का आरोप लगा था। प्रशांत त्रिवेदी तब आयुष विभाग के प्रमुख सचिव थे। घूस के आरोपी प्रशांत इस समय UPSRTC के चेयरमैन हैं।









