
(रिपोर्ट- राजनरायण तिवारी, बांदा)
उत्तर प्रदेश में खाकी की क्रूरता की बानगी अक्सर देखने को मिलती है. लेकिन बांदा में सीएम योगी की मित्र पुलिस वाली छवि भी देखने को मिली है. बांदा में अपनी फरियाद लेकर पुलिस मुख्यालय आए एक असहाय और चलने फिरने में भी असमर्थ बुजुर्ग की फरियाद मुख्यालय गेट पर ही अपर पुलिस अधीक्षक ने खुद आकर सुनी. पुलिस अधीक्षक ने ना सिर्फ फरियाद सुन कर जल्द निस्तारण के संबंधित थाने को आदेश दिए बल्कि पुलिस की गाड़ी में उस बुजुर्गों को ससम्मान उसके घर तक भिजवाने का भी इंतजाम किया.
अपनी क्रूरता के लिए बदनाम पुलिस की यह मानवीय छवि बांदा पुलिस मुख्यालय में देखने को मिली है. जहां मंगलवार दोपहर थाना अतर्रा के गुमाई गांव निवासी 80 वर्षीय बुजुर्ग गोपाली जो चलने फिरने में भी मोहताज थे, किसी तरह जमीन पर घिसटते हुए मुख्यालय के गेट के अंदर घुसे. फरियादी गोपाली थक कर गेट के पास ही जमीन पर बैठ गए और अपनी सांसो पर नियंत्रण करने लगे. इसी दौरान सीसीटीवी कैमरे में अपर पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्र की नजर उन पर पड़ी.
पुलिस अधीक्षक लक्ष्मी निवास मिश्र अपने कार्यालय के तमाम कामों को छोड़कर तत्काल फरियादी गोपाली के पास पहुंचे. उन्होंने बुजुर्ग को किनारे बैठाया और उनकी फरियाद सुनी. बुजुर्ग फरियादी की समस्या थी कि उनका बेटा उन्हें खाने-पीने को नहीं देता है. साथ ही उनके साथ मारपीट करता है जिसके लिए वह किसी तरह पुलिस कार्यालय तक पहुंचे है.
बुजुर्ग की शिकायत सुनकर अपर एसपी ने थानाध्यक्ष को फोन पर बुजुर्ग की समस्या का निस्तारण करने को निर्देशित किया. अपर एसपी ने फरियादी बुजुर्ग को पुलिस की मदद से पुलिस की जीप मंगवा कर अतर्रा भिजवाया. इस मामले में अपर एसपी लक्ष्मी निवास मिश्र का कहना है कि गोपाली नाम के बुजुर्ग अपने बेटे से प्रताड़ित होकर उनके पास आए थे जिनको बाहर आकर अटेंड किया गया.
उन्होंने बताया कि बुजुर्ग की शिकायत पर का तत्काल संज्ञान लेते हुए संबंधित थानाध्यक्ष तक बात पहुंचाई गई. अपर एसपी ने बताया कि संबंधित थानाध्यक्ष को बुजुर्ग की शिकायत का समुचित निस्तारण करने के निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि पीड़ित बुजुर्ग को उनके घर में कोई परेशानी ना हो इसके लिए व्यवस्था करने और साथ ही बराबर इनकी खैरियत भी लेते रहने के निर्देश थानाध्यक्ष को दिया गया है.









