
लखनऊ; भारत का मिशन स्पेश चंद्रयान 3 लैंड कर चुका है. पूरे देश में उत्सव का माहौल है. हर भारतवासी अपने वैज्ञानिकों पर गर्व कर रहा है. Chandrayaan-3 के लांच होते ही उन सपनों को भी उड़ान मिल गई है जो… 7 दिसंबर 2019 को चंद्रयान-2 के साथ संपर्क टूटने पर अधूरे रह गए थे. भारत का Chandrayaan-3 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर लैंड करेगा. जो अपने आप में ऐतिहासिक है.
श्रीहरिकोटा
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) July 14, 2023
➡️मिशन चंद्रयान-3 लॉन्च
➡️आंध्र प्रदेश के श्रीहरिकोटा से चंद्रयान-3 लॉन्च
➡️सतीश धवन स्पेस सेंटर से चंद्रयान-3 लॉन्च
➡️4 साल बाद एक बार फिर महामिशन पर ISRO
➡️अधूरे सपने को पूरा करने रवाना हुआ चंद्रयान-3
➡️अंतरिक्ष में भारत की एक और लंबी उड़ान
➡️चंद्रमा के साथ… pic.twitter.com/Vd4tHwLxvg
अभी तक चंद्रमा के दक्षिणी दक्षिणी ध्रुव पर कोई भी देश अपना उपग्रह नहीं भेज पाया है. भारत ऐसा पहला देश होगा जो चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुप अपना उपग्रह भेजेगा. श्रीहरिकोटा के सतीश धवन आंतरिक्ष केंद्र से प्रक्षेपित चंद्रयान 3 को अत्याधुनिक तकनीकी से लैस किया गया है. इसमें हर उस तकनीक का प्रयोग किया गया है जो सफलता पूर्वक लैंडिंग में सहायक हो.
ISRO 4 साल बाद एक बार फिर से चांद पर तिरंगा फहराने के लिए महामिशन पर लग गया है. अधूरे सपने को पूरा करने के लिए चंद्रयान-3 रवाना हो चुका है और तेजी के साथ चंद्रमा की ओर बढ़ रहा है. आज से 40 दिन बाद चंद्रयान चंद्रमा के दक्षिणी सतह पर लैंड करेगा. इसको लेकर पीएम मोदी ने भी सभी देशवासियों को बधाई दी है.









