अफगानिस्तान में 4.2 तीव्रता का भूकंप, 215 KM गहराई में था केंद्र, जानें क्यों आते हैं यहां बार-बार झटके

अफगानिस्तान में बुधवार सुबह भूकंप के झटके महसूस किए गए। नेशनल सेंटर फॉर सीस्मोलॉजी के मुताबिक, 9 सितंबर को सुबह 10 बजकर 1 मिनट 25 सेकंड पर 4.2 तीव्रता का भूकंप आया। भूकंप का केंद्र 36.421 डिग्री उत्तरी लैटीट्यूड और 71.203 डिग्री पूर्वी लॉन्गीट्यूड पर था। इसकी गहराई जमीन के अंदर 215 किलोमीटर दर्ज की गई।

भूकंप काफी गहराई में आने की वजह से जमीन की सतह पर इसका असर ज्यादा होने की संभावना कम है। फिलहाल इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान या किसी की मौत की खबर नहीं है। भूकंप का प्रभाव उसके केंद्र से दूरी और आसपास की इमारतों की मजबूती पर भी निर्भर करता है।

4.2 रही भूकंप की तीव्रता

इस भूकंप की तीव्रता 4.2 दर्ज की गई। आमतौर पर इस स्तर के भूकंप से बड़े नुकसान की संभावना कम होती है। हालांकि कमजोर इमारतों में हल्का नुकसान हो सकता है। भूकंप की गहराई भी उसके सतही प्रभाव को प्रभावित करती है।

215 किलोमीटर नीचे आया भूकंप

भूकंप का केंद्र जमीन के अंदर 215 किलोमीटर नीचे था। 70 से 300 किलोमीटर की गहराई में आने वाले भूकंपों को गहरे भूकंप की एक श्रेणी में रखा जाता है। अफगानिस्तान का हिंदू कुश इलाका ऐसे गहरे भूकंपों के लिए जाना जाता है।

अफगानिस्तान में क्यों आते हैं भूकंप?

अफगानिस्तान ऐसे क्षेत्र में स्थित है, जहां जमीन के नीचे बड़ी टेक्टोनिक प्लेटों की हलचल होती रहती है। भारतीय प्लेट लगातार उत्तर की ओर बढ़ रही है और यूरेशियाई प्लेट से टकरा रही है। इस हलचल के कारण जमीन के अंदर दबाव बनता है, जिससे भूकंप आ सकते हैं।

फिलहाल 4.2 तीव्रता के इस भूकंप से किसी बड़े नुकसान की खबर नहीं है। भूकंप निगरानी केंद्र इस तरह की गतिविधियों पर लगातार नजर रखते हैं।

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