
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में एक कार्यक्रम के दौरान अधिवक्ताओं और न्याय व्यवस्था की भूमिका पर महत्वपूर्ण विचार व्यक्त किए हैं। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद देश ने लोकतंत्र को अपनाया है और इसके सुचारू संचालन के लिए संविधान के प्रति सच्ची निष्ठा का भाव होना सबसे अधिक आवश्यक है। सीएम योगी ने देश की आजादी के आंदोलन में वकीलों के ऐतिहासिक योगदान को भी याद किया।
अधिवक्ताओं की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वकील केवल अदालतों में मुकदमे लड़ने का काम नहीं करते, बल्कि वे समाज के सामान्य नागरिक के विश्वास और न्याय के प्रतीक होते हैं। समाज में अनुशासन और न्याय व्यवस्था को बनाए रखने में वकील एक सच्चे प्रहरी के रूप में अपनी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने वर्ष 1985 में गोरखपुर सिविल कोर्ट की स्थापना का जिक्र करते हुए न्याय जगत से जुड़े लोगों की मेहनत और योगदान की सराहना की।
‘चुनौतियों का सामना करने के लिए खुद को तैयार करें युवा’
देश की पुरानी और मौजूदा परिस्थितियों का जिक्र करते हुए सीएम योगी ने कहा कि एक समय भारत में गरीबी और बेरोजगारी जैसी बड़ी समस्याएं थीं, जिनसे देश ने मजबूती से मुकाबला किया है। उन्होंने युवाओं और कानून के छात्रों से आह्वान किया कि वे देश के सामने आने वाली हर चुनौती का सामना करने के लिए खुद को पूरी तरह तैयार रखें। मुख्यमंत्री के इस संबोधन को कानूनी और सामाजिक स्तर पर काफी सराहा जा रहा है।









