अयोध्या में 53वें श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ का शंखनाद,स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी बोले- ‘2014 के बाद वैश्विक स्तर पर बढ़ी भारत की प्रतिष्ठा’

अयोध्या : प्रभु श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या में एक बार फिर भक्ति और अध्यात्म का अनूठा समागम देखने को मिल रहा है। अयोध्या में छोटी छावनी के समीप स्थित दर्शन भवन में देश की प्रगति, विश्व शांति और गरीब कल्याण के महासंकल्प के साथ 53वां श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन महायज्ञ पूरी श्रद्धा, आस्था और उल्लास के साथ शुरू हो गया है।

इस भव्य महायज्ञ का आयोजन देश के वरिष्ठ और प्रख्यात संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी के गरिमामयी सान्निध्य और संरक्षण में किया जा रहा है।

हजारों सुहासिनी माताओं ने लिया भाग, वैदिक मंत्रों से गूंजा परिसर
महायज्ञ के भव्य शुभारंभ के अवसर पर देश के कोने-कोने से आई हजारों की संख्या में सुहासिनी माताओं, बहनों और श्रद्धालुओं ने भाग लिया। चारों तरफ गूंजते वैदिक मंत्रोच्चार, पवित्र हवन की आहुतियों और कुमारी पूजन के अनुष्ठान के साथ पूरा दर्शन भवन परिसर पूरी तरह भक्तिमय और अलौकिक हो गया। सनातन धर्म में ऐसी मान्यता है कि ‘श्री विद्या कोटि कुमकुमार्चन’ महायज्ञ के अनुष्ठान से देश में सुख-समृद्धि, संपन्नता और शांति की वृद्धि होती है।

देश भर से जुटे वरिष्ठ संत और महापुरुष
इस पावन यज्ञ में सनातन धर्म के कई शीर्ष संतों का जमावड़ा लगा। महायज्ञ में मुख्य रूप से:

संत कमल नयन दास जी महाराज

संत राघव आचार्य जी महाराज

संत स्वामी सर्वेश्वरानंद सरस्वती जी महाराज

सहित देश भर से आए कई पूज्य संतों की दिव्य उपस्थिति रही। सभी संतों ने यज्ञवेदी की परिक्रमा कर आहुतियां डालीं और यज्ञ की पूर्णाहुति पर देश, समाज और संपूर्ण मानव कल्याण की मंगल कामना की।

‘पीएम मोदी के नेतृत्व में साकार हो रहा रामराज्य का सपना’
महायज्ञ को संबोधित करते हुए वरिष्ठ संत स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने देश के बदलते परिदृश्य पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, “हम सब आदि शक्ति माता ललिता से यही प्रार्थना कर रहे हैं कि हमारा भारत और भी तीव्र गति से प्रगति के पथ पर आगे बढ़े। साल 2014 के बाद से आज वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा और मान-सम्मान में अभूतपूर्व बढ़ोतरी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश अपने सनातन मूल्यों को अक्षुण्ण रखते हुए विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है।”

गौ, गंगा और गीता की हुई प्रतिष्ठा:
स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने आगे कहा, “आज देश में गौ माता का सम्मान और प्रतिष्ठा पुनः स्थापित हुई है। वर्तमान सरकार गौ, गंगा और गीता की रक्षा व संरक्षण के लिए पूरी गंभीरता के साथ जमीनी स्तर पर काम कर रही है।”

‘कांग्रेस और विपक्ष का इतिहास सनातन और गौ विरोधी’
अपने संबोधन के दौरान स्वामी अभिषेक ब्रह्मचारी ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस पर भी तीखा राजनीतिक हमला बोला। उन्होंने इतिहास का जिक्र करते हुए कहा, “कांग्रेस पार्टी का चरित्र हमेशा से सनातन विरोधी रहा है। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने ही 7 नवंबर 1966 को दिल्ली में पूज्य स्वामी करपात्री जी महाराज और शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निहत्थे गौ रक्षकों पर क्रूरतापूर्वक गोलियां चलवाई थीं और बड़ा नरसंहार करवाया था। कांग्रेस और पूरा विपक्ष आज भी सनातन और गौ विरोधी मानसिकता से ग्रसित है।”

उन्होंने जोर देकर कहा कि आज अयोध्या की इस पवित्र धरती से पूरे देश में ‘रामराज्य’ का सपना सच हो रहा है, जिसकी मुख्य पहचान ही गरीब कल्याण, सामाजिक समरसता (भाईचारा) और राष्ट्रभक्ति है।

युवा चेतना के राष्ट्रीय संयोजक ने भी किया अभिनंदन
इस आध्यात्मिक और भव्य कार्यक्रम में ‘युवा चेतना’ के राष्ट्रीय संयोजक रोहित कुमार सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने महायज्ञ में शामिल होने आए देश भर के सभी श्रद्धालुओं और माताओं का अभिनंदन करते हुए कहा कि ऐसे महान सांस्कृतिक और धार्मिक आयोजन ही हमारी समृद्ध भारतीय संस्कृति और विरासत को पीढ़ी-दर-पीढ़ी जीवंत रखने का काम करते हैं।

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