मौलाना तौकीर रजा पर पुलिस का महा-एक्शन,9 महीने में 145 करोड़ की संपत्ति सीज और ध्वस्त

बरेली: शहर में हुए उपद्रव के मुख्य आरोपी और आईएमसी (इत्तेहाद-ए-मिल्लत काउंसिल) के प्रमुख मौलाना तौकीर रजा पर बरेली पुलिस और प्रशासन ने ऐसा तगड़ा शिकंजा कसा है कि उनके खेमे में खलबली मच गई है। पुलिस की चौतरफा घेराबंदी के चलते न तो मौलाना और उनके करीबियों को अदालत से जमानत मिल पा रही है और न ही वे अपनी बेहिसाब काली कमाई को बचा पा रहे हैं। पिछले महज 9 महीनों के भीतर प्रशासन की संयुक्त टीम ने मौलाना और उनके करीबियों की करीब 145 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति को सीज और ध्वस्त (बुलडोजर एक्शन) कर दिया है।

अवैध मैरिज लॉन और चार्जिंग स्टेशनों पर चला बुलडोजर
प्रशासन द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई के तहत मौलाना के सिंडिकेट से जुड़ी कई व्यावसायिक संपत्तियों को जमींदोज किया जा चुका है। ध्वस्त की गई प्रमुख संपत्तियों में शामिल हैं:

दो अवैध ई-रिक्शा चार्जिंग स्टेशन (जिन्हें बिना अनुमति और सरकारी जमीनों के आसपास संचालित किया जा रहा था)।

तीन आलीशान मैरिज लॉन (जो नियमों को ताक पर रखकर बनाए गए थे)।

इसके अलावा, मौलाना तौकीर रजा और उनके करीबियों के दर्जनों बैंक खातों और अन्य अचल संपत्तियों को फ्रीज (Freeze) कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का साफ कहना है कि यह कार्रवाई अभी थमी नहीं है, बल्कि अवैध संपत्तियों को चिन्हित करने का काम लगातार जारी है।

क्या था पूरा मामला?
दरअसल, यह पूरा मामला कानपुर के चर्चित ‘आई लव मोहम्मद’ प्रकरण से जुड़ा हुआ है। आरोप है कि इसी विवाद की आड़ में मौलाना तौकीर रजा ने बरेली में सोची-समझी साजिश के तहत भीड़ को उकसाया और शहर में भारी उपद्रव व पथराव कराया था। इस हिंसा में बड़े पैमाने पर सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा था और कानून-व्यवस्था ठप हो गई थी।

गैंगस्टर और एनएसए के तहत कार्रवाई की तैयारी: बरेली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के मुताबिक, उपद्रवियों और उनके आकाओं की कमर तोड़ने के लिए अब उनके आर्थिक तंत्र पर सीधे चोट की जा रही है। दंगाइयों से ही नुकसान की भरपाई करने की नीति के तहत यह 145 करोड़ का कड़ा प्रहार किया गया है।

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