
लखनऊ; हाई वोल्टेज घोसी विधानसभा उप चुनाव के नतीजे 8 सितंबर यानी शुक्रवार को आने हैं. इस सीट 5 सितंबर को वोटिंग संपन्न हुई थी. जिसके बाद से ही सपा-भाजपा समेत 10 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला ईवीएम में कैद हो गया. घोसी में मुख्य मुकाबला सपा और भाजपा के बीच है. करीब 1 माह तक चले राजनैतिक गहमागहमी के बीच नेताओं ने खूब बयानबाजी की.
सपा-बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी खूब देखने को मिला. लेकिन अब बारी जनादेश आने की है. 8 सिंतबर को घोसी उपचुनाव के वोटों की गिनती होनी है. जिसको लेकर भाजपा प्रत्याशी दारा सिंह चौहान व सपा प्रत्याशी सुधाकर सिंह की धड़कने बढी हुईं हैं. इतना ही नहीं यह चुनाव सुभासपा अध्यक्ष ओपी राजभर के लिए बेहद खास है. उन्होंने पूरे प्रचार के दौरान चुनाव को “ओमप्रकाश राजभर बनाम अखिलेश यादव” होने की बात कही.
राजभर लगातार दावा करते रहे हैं कि उनके दम पर ही 2022 यूपी विधानसभा चुनाव में सपा की सीटें 100 के पार गईं…कहा जा रहा है घोसी उपचुनाव का नतीजा ही राजभर का योगी मंत्रिमंडल में स्थान तय करेगा…वहीं अगर घोसी उप चुनाव को लेकर हुई वोट प्रतिशत की बात करें तो यहां 50 प्रतिशत ही वोट पड़े हैं. वहीं यहां 2022 में 58 प्रतिशत और 2017 में 57 प्रतिशत वोट पड़े थे. सियासी गलियारों में वोटिंग कम होने के मायने निकाले जा रहे हैं.
इस उपचुनाव में सपा और बीजेपी ने प्रचार के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी. जहां शिवपाल सिंह ने घोसी में डेरा डाल दिया. वहीं, पहली बार इटावा-मैनपुरी से बाहर निकलकर सपा नेता रामगोपाल यादव घोसी में घर-घर वोट मांगते दिखे. वहीं, बीजेपी ने अपने दोनों उपमुख्यमंत्रियों समेत करीब 2 दर्जन मंत्रियों को मैदान में उतार था.
इसके अलावा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ व सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भी एक-एक जनसभा को संबोधित किया. राजनीतिक जानकार घोसी उपचुनाव को यूपी में इंडिया गठबंधन का टेस्ट भी मान रहे हैं. लेकिन घटे वोट प्रतिशत ने सपा व भाजपा दोनों दलों की धुकधुकी बढ़ा दी है. अब परिणाम किस के पक्ष में आता है यह शुक्रवार को स्पष्ट हो जाएगा.









