नोएडा में बड़ा जमीन घोटाला, दो कंपनियों ने Syndicate बना हथियाए कीमती प्लॉट

दोनों प्लॉट बाजार मूल्य के हिसाब से 2500 करोड़ के हैं लेकिन ताकतवर बिल्डर को मिट्टी के भाव मिले हैं। बाकी कहानी अगली सीरीज में।

नोएडा में बड़ा जमीन घोटाला हुआ है। दो कंपनियों ने Syndicate बनाकर नोएडा के दो सबसे कीमती प्लॉट सेक्टर 92 और सेक्टर 72 हथिया लिए। वो भी रिजर्व प्राइस से महज पांच लाख ज्यादा देकर। सिंगल बिड नोएडा ऑथोरिटी ने आंख मूंद कर बिल्डर को उपकृत कर दिया और बताया जाता है नोएडा से लखनऊ जमकर “उपकार उपकार” हुआ।

लेकिन पिक्चर अभी बाकी है मेरे दोस्त।  अचानक से एक गुमनाम शिकायत होती है अथॉरिटी में और फिर आनन फानन में एक रिपोर्ट बनती है। शासन भेजते है। प्लॉट आवंटन में सभी धांधली का धागा खुल जाता है। दोनों प्लॉट आवंटन रद्द हो जाते हैं। तारीख 10 मई यानी चुनाव के बीच। इस डेंजरस गेम में नोएडा, गोली है और शासन बंदूक।

लेकिन अब कहानी में आने वाला है ट्विस्ट। 13 मई को बिल्डर शासन में पत्र देते हैं। हफ्ते भर में नोएडा अथॉरिटी U turn मारती है। अब आवंटन को जायज बताती है। और फिर दूसरी जायज रिपोर्ट 20 से 25 मई के बीच भेजते हैं। शासन तो जैसे लार टपकाए बैठा था की बस रिपोर्ट आए और मामला सेट हो जाए। वही हुआ भी। 11 जून को प्रमुख सचिव अनिल सागर से आदेश निकाला की सब मामला खत्म। दोनों प्लॉट उसी बिल्डर को तत्काल प्रभाव से उसी कीमत पर तुरंत सौंप दे नोएडा ऑथोरिटी।

नोएडा से शुरू हुआ भ्रष्टाचार लखनऊ में शिष्टाचार में बदल गया और वापिस नोएडा पहुंचा तो दागदार था। दोनों प्लॉट बाजार मूल्य के हिसाब से 2500 करोड़ के हैं लेकिन ताकतवर बिल्डर को मिट्टी के भाव मिले हैं। बाकी कहानी अगली सीरीज में। फाइल में किस किस ने क्या नोटिंग लिखी है। कैसे बिड मैनेज हुई। उसके बाद कैसे कैसे नियमों की ऐसी तैसी करके ये घोटाला हुआ।

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