
देश की पहली बुलेट ट्रेन को लेकर देशवासियों का इंतजार अब जल्द ही खत्म होने वाला है। रेलवे मंत्रालय की तैयारी के मुताबिक, देश की यह पहली हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन अगले वर्ष यानी 15 अगस्त को यात्रियों के लिए शुरू की जा सकती है। 320 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली यह ट्रेन सिर्फ रईसों या अमीरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आम मध्यम वर्ग के लोग भी इसका आसानी से लुत्फ उठा सकेंगे।
किराया और रूट की खास बातें
रेलवे के संकेतों के अनुसार, बुलेट ट्रेन का किराया हवाई जहाज के मुकाबले काफी कम और ट्रेन के फर्स्ट क्लास एसी (AC First Class) के किराये के आसपास रखे जाने की योजना है। मुंबई और अहमदाबाद के बीच की 508 किलोमीटर की दूरी यह ट्रेन दो घंटे से भी कम समय (लगभग 1 घंटा 58 मिनट) में तय कर लेगी। इस पूरे कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन बनाए गए हैं, जिससे केवल दो छोर के ही नहीं, बल्कि रास्ते में पड़ने वाले अन्य शहरों के लोग भी इसका फायदा उठा सकेंगे।
वर्तमान में मुंबई-अहमदाबाद के बीच मेल या एक्सप्रेस ट्रेनों के फर्स्ट एसी का किराया करीब 1,950 रुपये है, जबकि वंदे भारत के एक्जीक्यूटिव क्लास का किराया 2,405 रुपये है। जानकारों का अनुमान है कि बुलेट ट्रेन का शुरुआती किराया लगभग 3,000 रुपये तक हो सकता है, हालांकि यह अंतिम किराया नहीं है।
फ्लाइट से सफर क्यों होगा बेहतर?
हवाई जहाज से तुलना करें तो फ्लाइट की उड़ान भले ही डेढ़ घंटे की हो, लेकिन एयरपोर्ट तक पहुंचने, सुरक्षा जांच (Security Check) और बोर्डिंग की लंबी प्रक्रियाओं में काफी समय बर्बाद होता है। इसके उलट, बुलेट ट्रेन के स्टेशन शहरों के भीतर या उनके बेहद करीब बनाए गए हैं, जिससे यात्रियों का कुल यात्रा समय बहुत कम हो जाता है। इस तरह यात्रियों के करीब 4 से 5 घंटे की बचत होगी।
मेट्रो की तर्ज पर होंगे फेरे
इस परियोजना का लगभग 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। पहले चरण में गुजरात के सूरत से बिलमोरा के बीच करीब 50 किलोमीटर के हिस्से में ट्रेन का संचालन शुरू करने की तैयारी है, जिसके बाद धीरे-धीरे पूरे 508 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को खोला जाएगा। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसके फेरे मेट्रो की तरह होंगे, यानी यात्रियों की संख्या के आधार पर व्यस्त समय में फेरे घटाए या बढ़ाए जा सकेंगे ताकि यात्रियों को लंबा इंतजार न करना पड़े।









