
Lucknow : उत्तर प्रदेश में जौहर विश्वविद्यालय के खिलाफ हो रही कार्रवाई को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस मामले में योगी सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए इसे दुर्भावनापूर्ण कार्रवाई करार दिया है। राय ने साफ कहा कि कांग्रेस इस कार्रवाई के खिलाफ सड़क पर उतरेगी और कड़ा विरोध प्रदर्शन करेगी।
‘मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश’
अजय राय ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय को निशाना बनाकर सरकार प्रदेश के असल मुद्दों से जनता का ध्यान भटकाना चाहती है। उन्होंने कहा कि मंदिर में चोरी जैसी घटनाओं पर पर्दा डालने के लिए सरकार इस तरह के विवाद खड़ा कर रही है। राय के अनुसार, यह ‘शिक्षा के मंदिर’ को नष्ट करने का एक सुनियोजित आदेश है, जो छात्रहित के खिलाफ है।
‘यूनिवर्सिटी के वक्त प्राधिकरण का अस्तित्व ही नहीं था’
कांग्रेस अध्यक्ष ने विश्वविद्यालय की वैधता पर उठ रहे सवालों का जवाब देते हुए कहा कि जिस समय जौहर विश्वविद्यालय का निर्माण हुआ था, उस वक्त वहां उस क्षेत्र में कोई प्राधिकरण (Development Authority) अस्तित्व में ही नहीं था, तो फिर नक्शे और अवैध निर्माण की बात बेमानी है। उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि वह बदले की भावना से काम कर रही है। अजय राय ने आंकड़ा पेश करते हुए कहा कि देश में इस तरह से अब तक 54 विश्वविद्यालयों को बंद किया जा चुका है, जो सरकार की ‘शिक्षा विरोधी’ मानसिकता को दर्शाता है।
बीजेपी कार्यालय को बताया अवैध
आक्रामक रुख अपनाते हुए अजय राय ने बीजेपी पर तंज कसा। उन्होंने चुनौती दी कि यदि प्रशासन वाकई नियमानुसार कार्रवाई कर रहा है, तो उन्हें बीजेपी के प्रदेश कार्यालय की भी जांच करनी चाहिए, क्योंकि उनका दावा है कि बीजेपी दफ्तर का नक्शा तक पास नहीं है। उन्होंने पूछा कि क्या सरकार अपने खुद के कार्यालय पर भी बुलडोजर चलवाएगी?
प्रदर्शन की चेतावनी
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी इस कार्रवाई को चुपचाप नहीं देखेगी। उन्होंने कहा कि जल्द ही कांग्रेस कार्यकर्ता इस कार्रवाई के विरोध में बड़े पैमाने पर सड़कों पर उतरेंगे और सरकार की इस ‘दोहरी नीति’ का पर्दाफाश करेंगे। अजय राय के इस बयान के बाद राज्य में राजनीतिक बहस और अधिक तीखी हो गई है। अब देखना यह होगा कि सत्ता पक्ष की ओर से इस पर क्या प्रतिक्रिया आती है।









