Congress Satyagraha Against Agnipath Scheme: कांग्रेस जंतर-मंतर पर करेगी सत्याग्रह, ये बड़े नेता होंगे शामिल..

देश भर में यूवा अग्निपथ योजना का विरोध कर रहे है. इसी कड़ी में आज अग्निपथ योजना के खिलाफ कांग्रेस भी प्रदर्शन करेगी। बता दें, कांग्रेस आज जंतर-मंतर पर सत्याग्रह करेगी. सुबह 10 बजे से कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन शुरू होगा. इसमें कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी शामिल हो सकते हैं. कांग्रेस के सांसद और नेता सशस्त्र बलों में भर्ती के लिए पेश की गई ‘अग्निपथ’ योजना का विरोध कर रहे युवाओं के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के वास्ते रविवार को जंतर मंतर पर ‘सत्याग्रह’ करेंगे.

रक्षा मंत्रालय द्वारा मंगलवार को भारतीय सेना से जुड़ने के लिए प्रस्तावित विशेष योजना अग्निपथ को लेकर देशभर के युवाओं में उबाल है. दरअसल, केंद्र की इस योजना के तहत 17 साल 6 महीने से लेकर 21 साल तक के युवाओं को चार सालों के लिए सेना में रखा जाना है. इस परियोजना के कई प्रावधानों को लेकर गुरूवार को देश के अलग-अलग हिस्सों में युवाओं ने जमकर नारेबाजी की और हिंसक विरोध प्रदर्शन किए.

बिहार से लेकर मध्य प्रदेश के ग्वालियर तक, साथ ही हरियाणा, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और यहां तक ​​कि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कुछ हिस्सों में सशस्त्र बलों के लिए नई ‘अग्निपथ’ भर्ती योजना के खिलाफ गुरुवार को जबरदस्त हिंसक विरोध प्रदर्शन हुआ. मध्य प्रदेश के बिड़लानगर रेलवे स्टेशन से तोड़फोड़ की कई तस्वीरें सामने आईं. यहां प्लेटफॉर्म पर रखे कचरे के डिब्बे में आग लगा दी गई और कुछ ट्रेनों की खिड़कियां भी प्रदर्शनकारियों द्वारा तोड़ दी गईं.

बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने मंगलवार को ‘अग्निपथ’ योजना की घोषणा की थी. इस योजना के तहत 17 साल 6 महीने से लेकर 21 साल तक के युवाओं को चार सालों के लिए सेना में बतौर अग्निवीर भर्ती किया जाएगा. इनमें से 75 प्रतिशत युवाओं को चार साल बाद अनिवार्य रूप से रिटायर कर दिया जाएगा, जबकि शेष 25 फीसद युवा ही स्थाई रूप से सशस्त्र बालों में अपनी सेवाएं दे सकेंगे वो भी ज्यादातर मामलों में बिना ग्रेच्युटी और पेंशन लाभ के.

सेना में भर्ती को लेकर इस नई योजना से देश भर में सशस्त्र बलों के उम्मीदवार आंदोलनरत हैं. युवाओं के आंदोलन को लेकर राजनीती भी खूब हो रही है. जिसमें राहुल गांधी से लेकर अखिलेश यादव और अरविंद केजरीवाल जैसे विपक्षी नेता लगातार बयान दे रहे हैं. हालांकि, सरकार ने अग्निपथ योजना का बचाव करते हुए कहा है कि इसे दो साल से अधिक समय से कार्यरत सशस्त्र बलों के अधिकारियों के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद पेश किया गया था.

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