
लखनऊ : डीएम फतेहपुर अपूर्वा दुबे के गाय के मामले में बड़ा अपडेट आया है. DM अपूर्वा दुबे ने शासन में अपनी ताकत दिखाई और बिना उच्च स्तरीय जांच के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को शासन से संस्तुति करा सस्पेंड करा दिया. डीएम ने आरोप लगाया कि बिना जानकारी ड्यूटी लगवाई गई. 9 जून को सीवीओ ने आदेश दिया था. डीएम ने शासन को पत्र भेजकर मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी को सस्पेंड कराया.
डीएम के खिलाफ शासन ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की. गौरतलब है कि DM अपूर्वा दुबे ने पहले ड्यूटी लगवाई जब बदनामी हुई तो सस्पेंड कराया, कार्रवाई डीएम पर होनी चाहिए थी लेकिन नप गए सीवीओ, बिना उच्च स्तरीय जांच के सीवीओ को सस्पेंड कर दिया गया. प्रश्न यहाँ पर उठता है कि किसके कहने पर CVO ने डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई थी? आपको बता दें कि DM अपूर्वा दुबे के पति सीएम के विशेष सचिव रहे हैं और वर्तमान में कानपुर के डीएम हैं.
दरअसल, फतेहपुर डीएम साहिबा का यह कारनामा तब उजागर हुआ जब रविवार को मुख्य पशु चिकित्सक का एक पत्र मीडिया में वायरल होने लगा. यह पत्र पशुधन विभाग के कुछ पशु चिकित्सकों के ड्यूटी को लेकर था जिसमें मुख्य पशु चिकित्सक फतेहपुर डॉ एस के तिवारी ने 7 चिकित्सकों को केवल डीएम साहिबा अपूर्वा दुबे की गाय की सेवा में सुबह शाम तैनात किया था.









