
लखनऊ में IPL मैच के दौरान नकली टिकट बेचने वाले एक बड़े गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में छत्तीसगढ़ के रहने वाले चार युवकों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में फर्जी टिकट, लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और टिकट प्रिंट करने का पूरा सामान बरामद हुआ है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से असली IPL टिकटों की फोटो डाउनलोड करता था और फिर Corel Draw जैसे डिजाइनिंग सॉफ्टवेयर की मदद से हूबहू नकली टिकट तैयार करता था। टिकट की क्वालिटी और डिजाइन को और वास्तविक दिखाने के लिए आरोपी ChatGPT जैसी तकनीक का भी उपयोग करते थे।
यह पूरा मामला तब सामने आया जब जालौन निवासी प्रदीप सिंह ने इकाना स्टेडियम के बाहर 1000 रुपये में टिकट खरीदा। उन्होंने ऑनलाइन UPI के जरिए भुगतान किया, लेकिन जब वह एंट्री गेट पर पहुंचे तो स्टाफ ने टिकट को फर्जी बताते हुए प्रवेश से रोक दिया। इसके बाद पीड़ित ने थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस ने बुधवार शाम करीब 4:30 बजे दोदनखेड़ा चौराहे के पास से चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनकी पहचान दुर्ग (छत्तीसगढ़) निवासी श्रीकांत बोरकर, नूतन कुमार साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू के रूप में हुई है।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे आर्थिक तंगी और नया ऑफिस खोलने के लिए पैसे जुटाने के इरादे से इस अवैध धंधे में उतर आए थे। गिरोह का एक सदस्य डिजाइनिंग में एक्सपर्ट था, जिसने YouTube और कोचिंग से सीखकर नकली टिकट तैयार करना शुरू किया।
पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह पहले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भी फर्जी टिकट बेचने की कोशिश कर चुका था, लेकिन वहां सफलता नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने टिकटों की क्वालिटी सुधारकर लखनऊ में ठगी की योजना बनाई।
पुलिस ने आरोपियों से 15 फर्जी टिकट, 14 प्रिंटेड शीट, लैपटॉप, मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और एक कार भी बरामद की है। मामले की आगे जांच जारी है।








