
उत्तर प्रदेश के सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट गंगा एक्सप्रेसवे का आज औपचारिक लोकार्पण किया जाएगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज हरदोई में आयोजित कार्यक्रम में इस परियोजना का उद्घाटन करेंगे। करीब 594 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे प्रदेश के विकास और कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाला माना जा रहा है।
12 जिलों और 519 गांवों से होकर गुजरेगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश के कुल 12 जिलों और 519 गांवों से होकर गुजरता है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं—
- मेरठ
- बुलंदशहर
- हापुड़
- अमरोहा
- संभल
- बदायूं
- शाहजहांपुर
- हरदोई
- उन्नाव
- रायबरेली
- प्रतापगढ़
- प्रयागराज
यह एक्सप्रेसवे पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश को सीधे तौर पर जोड़ने में अहम भूमिका निभाएगा।
बेहतर कनेक्टिविटी और 6-लेन हाईवे
गंगा एक्सप्रेसवे को 6-लेन हाई-स्पीड कॉरिडोर के रूप में तैयार किया गया है, जिससे यात्रा समय में भारी कमी आएगी और व्यापारिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। यह प्रोजेक्ट उत्तर प्रदेश की कनेक्टिविटी को नए स्तर पर ले जाने वाला माना जा रहा है।
36,230 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ प्रोजेक्ट
इस मेगा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत करीब 36,230 करोड़ रुपये बताई जा रही है। सरकार का दावा है कि इससे राज्य में निवेश, रोजगार और औद्योगिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
भविष्य में बड़े नेटवर्क से जुड़ेगा एक्सप्रेसवे
गंगा एक्सप्रेसवे को भविष्य में और विस्तार देने की योजना भी है। इसे आगे चलकर हरिद्वार और जेवर एयरपोर्ट से जोड़ने की संभावना है, जिससे यह देश के प्रमुख परिवहन नेटवर्क का हिस्सा बन जाएगा।









