
लखनऊ विश्वविद्यालय (LU) से कैंपस सुरक्षा और अनुशासन को लेकर एक बेहद सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने बीएससी (B.Sc) की एक छात्रा को ‘डार्लिंग’ कहने और कथित तौर पर पेपर लीक का लालच देकर यौन शोषण का प्रयास करने के गंभीर आरोपों में जूलॉजी (जंतु विज्ञान) विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. परमजीत सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। विश्वविद्यालय की उच्चस्तरीय अनुशासन समिति की अंतरिम रिपोर्ट में प्रोफेसर पर लगे ये संगीन आरोप प्रथम दृष्टया (Prima Facie) सही पाए गए हैं।
आपात बैठक में लिया गया बड़ा फैसला
मामले की गंभीरता को देखते हुए लखनऊ विश्वविद्यालय की कार्यपरिषद (Executive Council) की एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें डॉ. परमजीत सिंह के निलंबन के प्रस्ताव पर आधिकारिक मुहर लगा दी गई। विश्वविद्यालय प्रशासन ने आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें चार्जशीट भी जारी कर दी है। प्रशासन ने उनसे अगले 15 दिनों के भीतर इन गंभीर आरोपों पर लिखित जवाब मांगा है। विश्वविद्यालय के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यदि प्रोफेसर का जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके खिलाफ सेवा समाप्ति (Dismissal) जैसी सबसे कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है।
कैंपस में सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस
इस घटना के सामने आने के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों और शिक्षक संघ में भारी हलचल है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने साफ किया है कि कैंपस के भीतर छात्राओं की सुरक्षा और सम्मान के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या शिक्षक को बख्शा नहीं जाएगा। इस कार्रवाई को विश्वविद्यालय में अनुशासन बनाए रखने और जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत एक बड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।









