‘अगर एग्जिट होता तो कई जिंदगियां बच जातीं’, तार के सहारे जान बचाने वाली छात्रा ने बताया अग्निकांड का सच

लखनऊ। अलीगंज स्थित कोचिंग सेंटर में हुए भीषण अग्निकांड की भयावह तस्वीरें अब सामने आ रही हैं। हादसे में घायल हुई छात्रा लवप्रीत ने उस खौफनाक मंजर को याद करते हुए बताया कि आग लगने के कुछ ही देर बाद पूरी इमारत धुएं से भर गई थी और लोगों को सांस लेने में भी मुश्किल होने लगी थी।

फिलहाल केजीएमयू ट्रामा सेंटर में भर्ती लवप्रीत के पैर में गंभीर चोट आई है। उन्होंने बताया कि आग के दौरान बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं था। अगर इमारत में उचित आपातकालीन निकास (Emergency Exit) की व्यवस्था होती तो कई लोगों की जान बचाई जा सकती थी।

लवप्रीत के मुताबिक, आग तेजी से फैल रही थी और कुछ ही मिनटों में ऊपरी मंजिलों तक घना धुआं पहुंच गया। छात्र और कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे, लेकिन हर तरफ अफरा-तफरी का माहौल था। कई लोगों ने छत की ओर जाने की कोशिश की, मगर वहां भी रास्ता बंद मिला।

उन्होंने बताया कि जब कहीं से बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला तो उन्होंने इमारत के बाहर निकले एक तार के सहारे नीचे उतरने की कोशिश की। हालांकि संतुलन बिगड़ने के कारण वह नीचे गिर गईं और उनके पैर की हड्डी टूट गई। इसके बावजूद वह खुद को भाग्यशाली मानती हैं कि उनकी जान बच गई।

छात्रा ने भावुक होकर कहा कि हादसे में कई साथी धुएं और आग की चपेट में आ गए। यह दर्दनाक दृश्य उनकी आंखों के सामने बार-बार आ रहा है। आग की इस घटना ने एक बार फिर इमारतों में सुरक्षा मानकों और आपातकालीन निकास व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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