
पीलीभीत शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित धन्वन्तरि अस्पताल में हाथ के ऑपरेशन के दौरान 50 वर्षीय महिला की मौत के बाद हड़कंप मच गया। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया और डॉक्टरों पर इलाज में गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया।
हाथ का ऑपरेशन..ओटी में मौत की कहानी? डॉक्टर फरार
परिजनों का कहना है कि घर से टहलने के दौरान महिला छत से गिर गई थी जिसमे महिला का हाथ फैक्चर हो गया था । टूटे हुए हाथ का ऑपरेशन कराने के लिए परिजनों ने अस्पताल में भर्ती कराया लेकिन रात दस बजे महिला को डॉक्टर ओटी के अन्दर ले गए । दो बजे के बाद भी महिला को बाहर नहीं निकाला तो परिजनों ने पूछताछ की लेकिन डॉक्टरों पूरी घटना को छिपाया । डॉक्टर अक्षत पांडेय मेडिकल कालेज में कार्यरत है।
डॉ अक्षत पांडेय को मेडिकल कालेज में दिखाया..बोले धन्वन्तरि में इलाज होगा
महिला की मौत ने मेडिकल कालेज से मरीजों को प्राइवेट अस्पताल में इलाज किया जा रहा है । इस मामले में भी परिजनों ने मेडिकल कालेज में दिखाया लेकिन डॉक्टरों ने उसे प्राइवेट में दिखाने आने को कहा और परिजनों ने पहुंचकर पर्चा बनवाकर दिखवाया बाद में डॉक्टर अक्षत पांडेय ने ऑपरेशन कराने की सलाह दी जिसके बाद परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती करा दिया ।
डॉ. अक्षत पांडेय समेत डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप
परिजनों का आरोप है कि ऑपरेशन के दौरान डॉ. अक्षत पांडेय समेत अस्पताल के डॉक्टरों की लापरवाही के चलते महिला की जान चली गई। उनका दावा है कि महिला को एनेस्थीसिया की अधिक मात्रा दी गई, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई और ऑपरेशन के दौरान ही उसकी मौत हो गई।
मौत के बाद भी घंटों तक परिजनों को नहीं दी गई सूचना
परिजनों का आरोप है कि महिला की मौत के कई घंटे बाद तक अस्पताल प्रबंधन ने उन्हें इसकी जानकारी नहीं दी। जब उन्हें घटना की भनक लगी तो अस्पताल परिसर में आक्रोश फैल गया और परिजनों ने जमकर विरोध प्रदर्शन किया।
धन्वन्तरि अस्पताल में भारी हंगामा..कार्रवाई की मांग
घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और संबंधित डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए अस्पताल में हंगामा किया। सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची । परिजन अस्पताल के ओटी से महिला शव बाहर नहीं निकाल रहे उनकी मांग है कि आरोपियों डॉक्टरों पर कार्यवाही हो ।
जांच के बाद होगा मौत की वजह का खुलासा
फिलहाल पूरे मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों का पता चल सकेगा । धन्वन्तरि अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।









