हिंदू-मुस्लिम एकता की मिसाल! महिलाओं ने एक-दूसरे के पतियों को दान की किडनी, बचाई जिंदगी

गुजरात में हिंदू और मुस्लिम महिलाओं ने इंसानियत और भाईचारे की मिसाल पेश की है। अहमदाबाद के स्टर्लिंग अस्पताल में एक हिंदू महिला और ...

गुजरात: गुजरात में हिंदू और मुस्लिम महिलाओं ने इंसानियत और भाईचारे की मिसाल पेश की है। अहमदाबाद के स्टर्लिंग अस्पताल में एक हिंदू महिला और एक मुस्लिम महिला ने एक-दूसरे के पतियों को किडनी दान कर नई जिंदगी दी।

अस्पताल के अनुसार, अहमदाबाद के 45 वर्षीय हिंदू व्यक्ति और उदयपुर के 42 वर्षीय मुस्लिम व्यक्ति को 9 जुलाई को एक साथ किडनी ट्रांसप्लांट किया गया। दोनों मरीज क्रोनिक किडनी रोग और गुर्दे की बीमारी से जूझ रहे थे। उनके रिश्तेदार किडनी मैच नहीं होने के कारण सीधे अंगदान नहीं कर पा रहे थे।

इसके बाद दोनों परिवारों ने डोनर की तलाश शुरू की। बातचीत के बाद दोनों परिवार किडनी स्वैप ट्रांसप्लांट के लिए सहमत हो गए। डॉक्टरों ने जांच में पाया कि दोनों डोनर दूसरे मरीज के लिए पूरी तरह उपयुक्त हैं।

स्टर्लिंग अस्पताल के क्लिनिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. सुधीर मोराद ने बताया कि किडनी स्वैप से उन मरीजों को जीवन का दूसरा मौका मिलता है, जिनके लिए सीधे अंगदान संभव नहीं होता। उन्होंने कहा कि इस उपलब्धि में चिकित्सा विशेषज्ञता के साथ-साथ डोनर परिवारों की करुणा, सद्भाव और विश्वास की भावना भी अहम रही।

ट्रांसप्लांट के बाद दोनों पुरुषों की हालत में सुधार हुआ और सभी चार लोगों को 18 जुलाई को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। यह प्रत्यारोपण डॉ. सोनल दलाल, डॉ. जावेद वकील, डॉ. केतन शुक्ला, डॉ. हिमांशु पटेल और डॉ. भाविन महेतालिया की टीम ने किया।

Related Articles

Back to top button