Kushinagar: देवदूत की तरह आई SDRF की टीम, घुप अंधेरे में रेस्क्यू कर 4 लोगों की बचाई जान

प अंधेरा होने के कारण एसडीआरएफ ने ऑपरेशन चलाने में दिक्कत बताई। जिसके बाद तुरंत प्रकाश की व्यवस्था की गई। इसके बाद रेस्क्यू का काम शुरू किया गया।

कुशीनगर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। जहाँ खड्डा तहसील की बड़ी गंडक नदी में अचानक बढ़े हुए जलप्रवाह के बीच फंसे चार लोगों का प्रशासन की तरफ से रेस्क्यू किया गया। टीम ने अंधेरी रात में तेज बहाव के बीच में कुछ ही मिनटों में रेस्क्यू की घटना को अंजाम देकर सभी को सुरक्षित बचा लिया। टीम के इस कार्य पर गांव वालों की तरफ से बहुत तारीफ की गई। वहीं, इससे पहले भी यहां साल 2003 में पर तेज बहाव की वजह से 16 लोगों की जान चली गयी थी।

40 मिनट में रेस्क्यू कर बचाई गई जान

राहत आयुक्त जीएस नवीन के अनुसार बुधवार की रात 8 बजे कुशीनगर जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि खड्डा तहसील के एसडीएम ऋषभ पुंडीर और एडीएम एफआर वैभव मिश्रा द्वारा बड़ी गंडक नदी तेज में बहाव के कारण नाव पलटने से 4 लोगों के पुनियावन पुल के पास फंसे होने की खबर दी गई। इसको लेकर उन्होंने रात में ही जिलाधिकारी उमेश मिश्रा से ऑपरेशन की अनुमति मांगी। इस पर तुरंत परमीशन देते हुए एसडीआरएफ के कमांडेंट को रेस्क्यू का आदेश दिया। एडीएम एफआर वैभव मिश्रा ने बताया कि ऑपरेशन की परमीशन मिलते ही एसडीआरएफ मौके पर पहुंची। हालांकि घुप अंधेरा होने के कारण एसडीआरएफ ने ऑपरेशन चलाने में दिक्कत बताई। जिसके बाद तुरंत प्रकाश की व्यवस्था की गई। इसके बाद रेस्क्यू का काम शुरू किया गया। वहीं, एडीएम एफआर वैभव मिश्रा, एसडीएम खड्डा ऋषभ पुंडीर और एसडीआरएफ की टीम ने अदम्य साहस का परिचय देते में हुए मशक्कत के बाद मात्र 40 मिनट में ही चारों लोगों को बचा लिया गया। सुरक्षित बाहर निकालने के बाद उनका मेडिकर चेकअप कराया गया। जिसके बाद डॉक्टर से अनुमति मिलने के बाद से उन्हें घर पहुंचाया गया।

बिहार के निवासी हैं चारों आदमी

जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने बताया कि बड़ी गंडक नदी की नदी से रेस्क्यू कर निकाले गए चारों लोग बिहार के निवासी हैं, जिसमें भुवाली सहानी, राजकुमार सहानी, सुभाष साहनी और शैलेश कुमार के नाम शामिल हैं, जोकि बिहार के बगाह नारायणपुर घाट के रहने वाले हैं। ये लोग देर रात नदी में मछली पकड़ने के लिए गये हुए थे।

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