
भारत-नेपाल की खुली सीमाओं पर सुरक्षा एजेंसियां अब हाई अलर्ट पर हैं। पिछले एक सप्ताह के भीतर दो अलग-अलग घटनाओं में विदेशी नागरिकों की गिरफ्तारी ने सुरक्षा तंत्र की सक्रियता बढ़ा दी है। हाल ही में महराजगंज जिले के सोनौली बॉर्डर पर एक अमेरिकी नागरिक की गिरफ्तारी ने जांच एजेंसियों के कान खड़े कर दिए हैं।
सोनौली बॉर्डर पर पकड़ा गया ‘पूर्व नेवी कर्मी’
महराजगंज की सोनौली सीमा से नेपाल में अवैध रूप से घुसने की कोशिश कर रहे एक अमेरिकी नागरिक, जॉर्डन ब्राउन, को सुरक्षा बलों ने हिरासत में लिया है। पकड़े गए व्यक्ति ने पूछताछ के दौरान खुद को ‘पूर्व अमेरिकी नौसेना कर्मी’ (US Navy Veteran) और स्पेशल फोर्सेज का सदस्य बताया है।
अधिकारियों के अनुसार, ब्राउन के पास यात्रा के लिए कोई वैध दस्तावेज नहीं थे। उसने दावा किया है कि उसका पासपोर्ट कहीं खो गया है। सुरक्षा एजेंसियां अब उसके भारत आने के मकसद, पासपोर्ट के गुम होने की कहानी और सीमा तक पहुंचने के रूट की गहन जांच कर रही हैं। उसके बयानों में कई विरोधाभास पाए गए हैं, जिसके चलते खुफिया एजेंसियां हर पहलू को खंगाल रही हैं।
एक हफ्ते में दूसरी गिरफ्तारी
यह घटना अकेली नहीं है। इससे पहले बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में भी सुरक्षा बलों ने एक यूक्रेनी महिला को गिरफ्तार किया था। महिला पर वीजा अवधि समाप्त होने के बाद भी भारत में अवैध रूप से रहने और नेपाल की सीमा में घुसने की कोशिश का आरोप है। एक सप्ताह के भीतर दो विदेशी नागरिकों का अवैध रूप से नेपाल जाने की कोशिश करना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
खुफिया एजेंसियों की पैनी नजर
भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ रही इन संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए सीमा सुरक्षा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है। सुरक्षा के दृष्टिकोण से यह मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि मार्च 2026 में NIA ने म्यांमार में अवैध रूप से घुसने और सशस्त्र गुटों से संपर्क के आरोप में छह यूक्रेनी नागरिकों और एक अमेरिकी नागरिक ‘मैथ्यू वैन डाइक’ को गिरफ्तार किया था।
क्या इन घटनाओं के पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय साजिश है या यह महज अवैध प्रवास का मामला है? सुरक्षा एजेंसियां इन तमाम कड़ियों को जोड़ने में जुटी हैं। फिलहाल, पकड़े गए दोनों नागरिकों से पूछताछ जारी है और उनकी ‘कथित’ पहचान और दावों की पुष्टि के लिए दूतावासों से भी संपर्क साधा जा रहा है।









