
उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में IPL (इंडियन प्रीमियम लीग) के फाइनल मैच के दौरान पुलिस की स्पेशल टीम ने कैंट थाना क्षेत्र के एक अपार्टमेंट से संचालित हो रहे सट्टेबाजी की सूचना पर छापेमारी की। स्पेशल टीम के हत्थे मुंबई मालिक के नाम से सोशल मीडिया पर मशहूर सट्टेबाज गिरोह के सरगना मालिक मुम्बई के 13 सदस्यों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार हुए सट्टेबाजों के पास से एक दर्जन के करीब लैपटॉप और मोबाइल फोन के साथ वाइस रिकॉर्ड सहित कई इलेक्टॉनिक उपकरण बरामद हुए। पूछताछ में सट्टेबाजों ने कई चौंकाने वाले खुलासा किया।
AI और हाईटेक टेक्नोलॉजी से सोशल मीडिया पर होता था प्रचार प्रसार
मुंबई मालिक के द्वारा मुंबई से सट्टेबाजी का यह अवैध कारोबार मुंबई सहित देश के कई राज्यों में संचालित होता। इस अंतर्राज्यीय गिरोह का मुख्य केंद्र मुंबई में बताया जा रहा है। युवाओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए AI टेक्नोलॉजी का सहारा लेकर कई बड़े सेलिब्रिटी, इंफ्लूएंसर और क्रिकेटरों के नाम से विज्ञापन सोशल मीडिया पर प्रसारित किया जाता। इसके लिए डिफेक वीडियो का इस्तेमाल किया जाता और लोगो को ऑनलाइन सट्टे के जाल में फंसाया जाता और टेलीग्राम ग्रुप में जोड़कर उन्हें IPL के मैच जीत का सपना दिखाकर पैसे लगवाया जाता।
IPL 2026 में 20 करोड़ का टर्नओवर, आरोपियों के पास करोड़ो की संपत्ति…
वाराणसी में पकड़े गए मालिक मुम्बई गिरोह के 13 सदस्यों से पूछताछ के दौरान पुलिस को जानकारी मिली कि इस साल हुए IPL के मैच में इनके द्वारा 20 करोड़ रुपए का टर्नओवर किया गया। जिसके एवज में उन्हें 6 प्रतिशत अब तक भुगतान किया गया। वाराणसी में गिरोह के सदस्य 8 से 10 महीने से वाराणसी में एक्टिव थे और एक सेफ स्थान की तलाश कर करीब एक महीने तक हुए IPL मैच me सट्टा लगवाया। पूछताछ में सामने आया कि गिरोह के कई सदस्य हवाला के पैसों से लखनऊ जैसे शहर में प्रॉपर्टी खरीद रखी है, जिसकी कीमत करोड़ों रुपए है। पुलिस ने छापेमारी में गिरफ्तार हुए 13 अभियुक्त के पास से 17 स्मार्टफोन, 10 लैपटॉप, कई डिजिटल वॉलेट और क्रिप्टोकरेंसी वॉलेट बरामद किए हैं। जांच में वाराणसी के मुख्य आरोपी रवि यादव के डिजिटल खातों में करीब 1 करोड़ रुपये और लगभग 20 लाख रुपये की क्रिप्टोकरेंसी मिला है। पुलिस ने इन पैसों को सीज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।









