
लखनऊ: बच्चों को मिड डे मील में नमक रोटी खिलाए जाने की खबर को उजागर करने वाले पत्रकार पवन जायसवाल कैंसर पीड़ित हो गए है। इन दिनों उनकी हालत बेहद ही नाजुक है। इलाज के लिए पैसे नहीं है। दो मासूम बच्चे है। परिवार मोहताज है। आप सांसद संजय सिंह के अलावा कुछ अन्य पत्रकार पवन जायसवाल की आर्थिक मदद के लिए आगे आये हैं लेकिन पवन की हालत को देखते हुए ये मदद नाकाफी दिख रही है।
आप शायद भूल गए हों। ये पत्रकार पवन जायसवाल जी है। वही पवन जिन्होंने नमक रोटी की खबर दुनिया को दिखाई थी। पवन को कैंसर हो गया था। जिंदगी मुश्किल में है। इलाज के लिए पैसे नहीं है। दो मासूम बच्चे है। परिवार मोहताज है। आगे बढिए। ऐसे सच्चे लोगों की मदद करिए। मैने भी की है। आप भी कीजिए। pic.twitter.com/0jElW4n8z5
— Brajesh Misra (@brajeshlive) April 12, 2022
कई लोगो ने मदद के लिए हाथ आगे बढ़ाया है। पत्रकार पवन जायसवाल ने अपनी नाजुक हालत की जानकारी आप सांसद संजय सिंह को दी। उन्होने बताया कि वे बीते एक महीने से दोबारा बनारस में एडमिट हैं। उनका दोबारा ऑपरेशन हुआ है जिसमें डेढ़ लाख रुपए खर्च हो चुके हैं और चार लाख रुपए पहले ही खर्च हो चुके हैं। पवन जायसवाल ने लिखा है कि अब उनके पास रोजाना की दवाइयां तक खरीदने को पैसे नहीं हैं।
जिसके बाद आप सांसद संजय सिंह ने ट्वीट कर लोगो से पवन जायसवाल की मदद की हुहार लगाई है। उन्होने एक लाख रुपए की तात्कालिक सहायता उपलब्ध कराई है और आगे भी मदद का भरोसा दिलाया है। संजय सिंह के अलावा पत्रकार ब्रजेश मिश्रा ने भी पवन की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है।
बता दें, मिर्जापुर के एक प्राइमरी स्कूल में मिड डे मील में बच्चों को नमक रोटी खिलाए जानें की खबर को उजागर करने के बाद पत्रकार पवन जायसवाल सुर्ख़ियों में आए थे। जिसके बाद पवन जायसवाल पर ही मामला दर्ज किया गया था। जिसके खिलाफ देश भर में पत्रकारों ने प्रदर्शन किया था। प्रेस काउंसलिंग ऑफ इंडिया (पीसीआई) ने इस मामले को स्वत: सज्ञान में लिया था। प्रेस काउंसिल ऑफ इंडिया के दखल के बाद मिर्जापुर पुलिस ने केस से पत्रकार का नाम हटा दिया था। पवन जायसवाल के खिलाफ दर्ज मामला वापस लिए जाने पर उत्तरप्रदेश सरकार और अधिकारियों के कामकाज पर भी सवाल उठे थे।









