
बेंगलुरु: कर्नाटक के सियासी ड्रामे और बड़े उलटफेर के बीच एक महत्वपूर्ण संवैधानिक और औपचारिक प्रक्रिया पूरी हो गई है। मुख्यमंत्री पद से सिद्धारमैया द्वारा दिए गए इस्तीफे को राज्यपाल ने आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया है। सूत्रों के मुताबिक, राज्यपाल के बेंगलुरु वापस लौटते ही राजभवन की ओर से इस संबंध में मंजूरी दे दी गई, जिसके बाद राज्य में नेतृत्व परिवर्तन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है [cite: राज्यपाल ने इस्तीफा स्वीकार किया, बेंगलुरू लौटने के बाद इस्तीफा स्वीकार किया]।
शपथ ग्रहण तक कार्यवाहक भूमिका में रह सकते हैं सिद्धारमैया
संवैधानिक नियमों के अनुसार, नए मुख्यमंत्री के शपथ लेने तक राज्यपाल ने सिद्धारमैया से कार्यवाहक मुख्यमंत्री के तौर पर जिम्मेदारी संभालने का आग्रह किया है। इससे पहले, कर्नाटक कांग्रेस के भीतर चल रहे लंबे सत्ता-संतुलन के फॉर्मूले के तहत सिद्धारमैया ने लोकभवन पहुंचकर अपने पद से त्यागपत्र सौंप दिया था।
डीके शिवकुमार की ताजपोशी की तैयारी तेज
सिद्धारमैया का इस्तीफा स्वीकार होने के साथ ही अब सबकी नजरें कांग्रेस के संकटमोचक और मनोनीत मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर टिकी हैं। वे आगामी 30 मई को कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के तौर पर पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे। बेंगलुरु में इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह और नई कैबिनेट के गठन को लेकर कांग्रेस खेमे और प्रशासनिक स्तर पर हलचल और तैयारियां बेहद तेज हो गई हैं।









