
कासगंज: उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले के सिकंदरपुर वैश्य थाना क्षेत्र के लधौली गांव से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां मकान के बंटवारे को लेकर पति-पत्नी के बीच हुए विवाद के बाद एक महिला ने अपने दो मासूम बच्चों के साथ आत्मघाती कदम उठा लिया। महिला ने पहले अपने 9 वर्षीय छोटे बेटे को पानी में घोलकर सल्फास पिला दिया और फिर खुद भी जहर खा लिया। इस खौफनाक कदम के कारण मां और मासूम बेटे दोनों की तड़प-तड़प कर मौत हो गई। महिला ने अपने 13 साल के बड़े बेटे को भी जहर देने की कोशिश की थी, लेकिन वह किसी तरह अपनी जान बचाकर मौके से भाग निकला। इस दोहरे हत्याकांड और आत्महत्या के बाद पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।
पर्ची डालकर हुआ था बंटवारा, कच्चे मकान को लेकर शुरू हुआ विवाद
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लधौली निवासी सुनील कुमार पेशे से प्लंबर है और खेती भी करता है। सुनील और उसके भाई अनिल के बीच लंबे समय से संपत्ति के बंटवारे को लेकर विवाद चल रहा था। हाल ही में गांव के संभ्रांत लोगों की मौजूदगी में पर्ची डालकर मकान का बंटवारा किया गया था। संयोग से पर्ची में सुनील के हिस्से में मकान का कच्चा भाग आया, जबकि पक्के कमरे उसके भाई अनिल के हिस्से में चले गए। अनिल ने शर्त रखी थी कि अगर सुनील उसे 1.5 लाख रुपये दे दे, तो वह पक्के कमरे उसे सौंप देगा।
सुनील की 35 वर्षीय पत्नी पिंकी चाहती थी कि उसका पति जैसे-भी हो डेढ़ लाख रुपये का इंतजाम करके पक्के कमरे ले ले, ताकि बच्चे अच्छे घर में रह सकें। लेकिन सुनील यह रकम देने को तैयार नहीं था। शुक्रवार शाम इसी बात को लेकर दोनों के बीच तीखी कहासुनी हो गई।
खेत पर ले जाकर मासूम को दिया जहर, बड़ा बेटा भागा
पति से हुए इस झगड़े से क्षुब्ध होकर पिंकी अपने नौ वर्षीय बेटे रेयांश और 13 वर्षीय बेटे सौरभ को साथ लेकर घर से खेत की तरफ निकल गई। गेहूं की सुरक्षा के लिए घर में रखा सल्फास का पाउच वह पहले ही अपने साथ छुपाकर ले गई थी। खेत पर पहुंचकर उसने पहले रेयांश को जबरन सल्फास घोलकर पिला दिया। इसके बाद उसने बड़े बेटे सौरभ को भी पकड़कर जहर देने का प्रयास किया, लेकिन खौफनाक मंजर देखकर समझदार सौरभ उसकी गिरफ्त से छूटकर वहां से भाग खड़ा हुआ। इसके बाद पिंकी ने खुद भी पूरा जहर घटक लिया।
आसपास के खेतों में काम कर रहे किसानों ने जब मां-बेटे को तड़पते देखा, तो तुरंत परिजनों को सूचना दी। सुनील आनन-फानन में दोनों को लेकर पहले एटा मेडिकल कॉलेज और फिर कासगंज जिला अस्पताल भागा, लेकिन डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
मायके पक्ष के गंभीर आरोप: ‘जहर खाने के बाद भी पिंकी को पीटा’
शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद मां-बेटे का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस बीच, घटना की सूचना पाकर फर्रुखाबाद के कंपिल थाना क्षेत्र से पिंकी के मायके वाले भी लधौली गांव पहुंच गए। पिंकी के भाई संजीव ने सुनील पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उसका जीजा शराब पीने का आदी है और लगातार पिंकी का उत्पीड़न करता था। मायके पक्ष का यह भी संगीन आरोप है कि जब पिंकी ने जहर खा लिया और उसकी हालत बिगड़ने लगी, तब भी सुनील ने अस्पताल ले जाने के बजाय उसकी बेरहमी से पिटाई की थी।
डेढ़ महीने पहले ही एक बेटे को खो चुका था परिवार
इस अभागे परिवार पर दुखों का पहाड़ पहले से ही टूटा हुआ था। महज डेढ़ महीने पहले ही पिंकी के 17 वर्षीय सबसे बड़े बेटे नितिन की गंभीर बीमारी के कारण मौत हो गई थी। मायके वालों का आरोप है कि सुनील के शराब की लत और पैसों की कमी के कारण नितिन का सही इलाज नहीं हो सका, जिससे उसकी जान गई। जवान बेटे की मौत के बाद से पिंकी गहरे मानसिक अवसाद (Depression) में रहने लगी थी। इसके अलावा, खुद सुनील भी इस समय टीबी (TB) जैसी गंभीर बीमारी से पीड़ित है।
पुलिस का बयान: तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जिला अस्पताल पहुंचकर दोनों शवों को कब्जे में लिया और घटनास्थल का निरीक्षण किया, जहां से सल्फास का खाली पाउच बरामद हुआ है। पुलिस प्रशासन के मुताबिक, शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। मायके पक्ष द्वारा लगाए जा रहे आरोपों पर पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई लिखित तहरीर नहीं मिली है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।









