विधवा की 4 बीघा ज़मीन पर भू-माफियाओं का कब्ज़ा, तहसील प्रशासन और SDM कार्यालय पर मिलीभगत का आरोप

21.5 लाख रुपये प्रति बीघा का सौदा तय, लेकिन बिना अनुमति कराया बैनामा; पीड़िता ने CM और DM से लगाई न्याय की गुहार

बुलंदशहर/अनूपशहर। जिले के अनूपशहर क्षेत्र में एक निरीह, अनपढ़ दलित विधवा की चार बीघा कृषि भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा कथित रूप से अवैध कब्ज़ा करने का मामला सामने आया है। पीड़िता सीमा देवी ने जिलाधिकारी को दी गई अपनी शिकायत में तहसील प्रशासन, एसडीएम और स्थानीय रजिस्ट्री कार्यालय पर भू-माफियाओं के साथ मिलीभगत के गंभीर आरोप लगाए हैं।

क्या है पूरा मामला?

पीड़िता सीमा देवी और उनके तीन बेटों—योगेश, ईलू और सोनू—की अनूपशहर बांगर में स्थित कुल 4 बीघा कृषि भूमि के लिए विक्रांत चौधरी और राहुल सोलंकी नामक व्यक्तियों के साथ 21.5 लाख रुपये प्रति बीघा की दर से सौदा तय हुआ था। हालाँकि, आरोप है कि भू-माफियाओं ने पीड़ित परिवार की बिना सहमति और जानकारी के जबरन बैनामा करा लिया। इतना ही नहीं, एक्सिस बैंक में पीड़ितों के नाम पर खाते खुलवाकर तय कीमत से कहीं कम रकम जमा कराई गई।

प्रशासन पर मिलीभगत का गंभीर आरोप

सीमा देवी ने अपनी शिकायत में स्पष्ट रूप से कहा है कि अनूपशहर का रजिस्ट्री कार्यालय, एसडीएम और तहसीलदार पूरी तरह से भू-माफियाओं से मिले हुए हैं। पीड़िता का कहना है कि इस सुनियोजित साजिश के तहत न केवल उनकी ज़मीन हथियाई गई, बल्कि उन्हें उचित मुआवज़े से भी वंचित रखा गया।

कई बार शिकायत, लेकिन कार्रवाई नहीं

पीड़िता सीमा देवी ने इस मामले में मुख्यमंत्री, जिलाधिकारी समेत कई उच्च अधिकारियों से बार-बार गुहार लगाई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। एक विधवा और दलित महिला की ज़मीन हड़पे जाने के इस मामले ने जिले में प्रशासनिक निष्क्रियता और राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जाँच की माँग

पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की उच्च-स्तरीय जाँच और भू-माफियाओं व दोषी अधिकारियों के खिलाफ़ सख्त कानूनी कार्रवाई की माँग की है। फिलहाल, इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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