
शरीर की अत्यधिक लचीला बनाने वाले योगाभ्यासों से कई लाभ है. यह ना केवल शरीर को निरोग रखने में सहायक है वरन स्मरण शक्ति को बेहतर बनाने में भी बेहद कारगर है. शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी (Flexibility) ताकत और स्थिरता का निर्माण करते हुए शारीरिक गतिविधियों को सुगम और स्फूर्त बनाता है. अपनी मांसपेशियों और जोड़ों को स्ट्रेच करने से शारीरिक गतिशीलता बढ़ जाती है साथ ही बेहतर संतुलन और लचीलेपन में वृद्धि होती है.
व्यायाम और योगाभ्यास ना केवल वजन कम करने में कारगर है बल्कि शारीरिक लचीलेपन के अनिवार्य घटक फिटनेस बनाए रखने के लिहाज से भी इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. यह चोट, पीठ दर्द और आपकी जोड़ों से जुड़ी हर समस्या को का समाधान करने में बेहद कारगर है.
यह पेशीय ताकत के साथ निरोगी काया प्राप्त करने का एक बेहतरीन साधन है. यदि आप भी शरीर की फ्लेक्सिबिलिटी (Flexibility) बढ़ाना चाहते हैं तो आप अपनी दिनचर्या में इन अभ्यासों को शामिल कर इसे हांसिल कर सकते हैं.
- एड़ी को थोड़ी उठी हुई सतह, जैसे सीढ़ी या किसी कर्व (Curve) सतह पर रखकर एक पैर को बाहर निकाले. रीढ़ को सीधा रखते हुए, छाती को जांघ की ओर लाने के लिए कूल्हे पर झुकें. ऐसा करने में कोशिश करें की घुटना थोड़ा भी ना झुके और इसी मुद्रा को रोज लगभग 10 से 30 सेकंड तक करें. इस मुद्रा को हैमस्ट्रिंग स्ट्रेच (Hamstring Stretch) के नाम से जाना जाता है.

- पिंडली के योगाभ्यास से भी शारीरिक लचीलापन बढ़ता है. इसके लिए किसी दीवार या ऊर्ध्वाधर सतह से हाथ की लंबाई के बराबर दूरी लेकर खड़े हो जाए. अपने दाएं पैर के पीछे बाएं पैर को ले जाएं और बाएं पैर को सामने की ओर से मोड़कर, एड़ी को सतह पर टिकाए रखें और दाएं पैर को घुटने की सीध में रखें और इस मुद्रा में कम से कम 30 सेकंड तक बने रहे. इस योग के जरिए पिंडलियों में लचीलापन आता है और ये मजबूत होती हैं.

- अपने पैरों V शेप के फैलाएं और अपने सिर के ऊपर हाथों को फैलाकर फर्श पर आराम से घुटने टेकें.अपनी बाईं कोहनी को मोड़ें और अपनी पीठ के बीचों-बीच छूने की कोशिश करें. अपने दाहिने हाथ की कोहनी को अपने बाएं हाथ से पकड़ें और धीरे से इसे अपने सिर की ओर खिंचाव बनाएं. इसके बाद कम से 15-20 सेकंड इसी मुद्रा में बने रहे. इस योगभ्यास के जरिए आपके मसल्स (Muscles) मजबूत होंगे.








