
राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर बुधवार को अहम बैठक के बीच बड़ा अपडेट सामने आया है। ट्रस्ट में तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति की गई है। इनमें अयोध्या के मदन मोहन, दिल्ली के महेश भागचंदा और शिकोहाबाद की निर्मला यादव शामिल हैं। अयोध्या स्थित मणिराम दास जी छावनी में हुई ट्रस्ट की बैठक के दौरान तीनों रिक्त पदों को भरा गया।
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक में कई बड़े फैसले
राम मंदिर ट्रस्ट की बैठक बुधवार को अयोध्या में चल रही है। बैठक में ट्रस्ट के पहले CEO के चयन के साथ ट्रस्ट की डीड में संशोधन सहित कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर फैसला लिया जाना है। Ram Mandir Trust में नए ट्रस्टियों की नियुक्ति को भी इसी बैठक से जोड़कर देखा जा रहा है।
आज हो सकता है राम मंदिर के पहले CEO का ऐलान
राम मंदिर चंदा चोरी मामले में आरोपों के बाद पूर्व महामंत्री चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के पद छोड़ने के बाद ट्रस्ट के कामकाज में सुधार के लिए CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया शुरू की गई थी। यह प्रक्रिया 6 जुलाई से शुरू हुई थी। अब बुधवार को राम मंदिर के पहले CEO के नाम की घोषणा होनी है।
सांसद दिनेश शर्मा बोले- ट्रस्ट का अपना फैसला
राम मंदिर ट्रस्ट में हो रहे बदलाव को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं। भाजपा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट एक स्वतंत्र संस्था है, जिसे न्यायालय के फैसले के बाद कानूनी प्रक्रिया के तहत बनाया गया है।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट के कामकाज के लिए उसका अपना संविधान है और उसी के अनुसार कानूनी रूप से सही फैसला लिया जाएगा। दिनेश शर्मा के मुताबिक ट्रस्ट का फैसला धार्मिक भावनाओं का सम्मान करेगा और यह उसका अपना निर्णय होगा। उन्होंने यह भी कहा कि किसी अन्य व्यक्ति को इस पर अनावश्यक टिप्पणी करने का अधिकार नहीं है।
दिनेश शर्मा ने कहा कि राम मंदिर आस्था का केंद्र है और ट्रस्ट के फैसलों में भक्तों की भावनाओं का ध्यान रखा जाएगा।
बिहार के मंत्री ने पारदर्शिता पर दिया जोर
पटना में बिहार के मंत्री दिलीप जायसवाल ने भी राम मंदिर के कामकाज में पारदर्शिता पर जोर दिया। राम मंदिर के पहले CEO की नियुक्ति को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार का स्पष्ट रुख है कि मंदिर से जुड़े कामकाज में किसी भी तरह की अनियमितता नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में हुई कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि मामले में तेजी से कार्रवाई की गई और अब CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया चल रही है।
कांग्रेस ने CEO की नियुक्ति पर उठाए सवाल
वहीं, कांग्रेस ने राम मंदिर के पहले CEO की नियुक्ति को लेकर सवाल खड़े किए हैं। लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने चढ़ावा चोरी मामले का जिक्र करते हुए ट्रस्ट पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा कि ट्रस्ट ने लोगों के भरोसे को तोड़ा है। कांग्रेस प्रवक्ता के मुताबिक जिस ट्रस्ट पर भगवान राम के भक्तों के दान और चढ़ावे की चोरी के आरोप सामने आए हैं, वही अब CEO की नियुक्ति कर रहा है। उन्होंने इसे स्वीकार्य नहीं बताया।
तीन नए ट्रस्टी बनने के बाद CEO के ऐलान पर नजर
राम मंदिर ट्रस्ट में तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति के बाद अब सबसे ज्यादा नजर पहले CEO के नाम के ऐलान पर है। इसके साथ ही ट्रस्ट की डीड में प्रस्तावित संशोधन और बैठक में लिए जाने वाले अन्य फैसले भी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।









