
लखनऊ; समान नागरिक संहिता को लेकर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की बैठक हुई. इस मीटिंग में कई पदाधिकारी विभिन्न स्थानों से वर्चुअल माध्यम से भी जुड़े. कॉमन सिविल कोड को लेकर बोर्ड के सदस्यों ने नाराजगी जताई. गौरतलब है कि मंगलवार को पीएम मोदी ने भोपाल में बीजेपी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए UCC और 3 तलाक कानून को लेकर बयान दिया था. पीएम ने वर्तमान में UCC की जरूरक को बताया था.
लखनऊ
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) June 28, 2023
➡️UCC, 3 तलाक कानून पर पीएम के बयान का मामला
➡️ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की हुई बैठक
➡️UCC के मुद्दे पर बोर्ड के पदाधिकारी ऑनलाइन जुड़े
➡️हम शुरू से यूसीसी का विरोध कर रहे हैं – AIMPLB
➡️2018 में विधि आयोग को जवाब दे चुके हैं- AIMPLB
➡️समान नागरिक संहिता देशहित… pic.twitter.com/4cwxPJK8cw
पीएम के बयान के एवज में ही आज बुधवार को मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के सदस्यों ने बैठक की. बोर्ड के सदस्यों ने कहा कि हम शुरू से ही यूसीसी का विरोध कर रहे हैं. बोर्ड ने कहा कि हम यूसीसी को लेकर 2018 में ही विधि आयोग को जवाब दे चुके हैं. समान नागरिक संहिता देशहित में नहीं है. साथ ही बोर्ड ने मांग की है कि UCC पर जवाब देने के लिए 6 माह का समय दिया जाए. सभी सदस्यों ने कहा कि हम जल्द आयोग के अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे.
इसके पूर्व मंगलवार को पीएम के बयान के विरोध में AIMIM सरबराह असद्दूदीन ओवैसी ने बयान दिया था. उन्होंने तर्क दिया था कि प्रधानमंत्री को यह समझने की ज़रूरत है कि अनुच्छेद 29 एक मौलिक अधिकार है, मुझे लगता है प्रधानमंत्री को यह समझ नहीं आया. संविधान में धर्मनिरपेक्षता की बात है. इस्लाम में शादी एक कॉन्ट्रैक्ट है, हिंदूओं में जन्म-जन्म का साथ है. क्या आप सबको मिला देंगे? भारत की विविधता को वे एक समस्या समझते हैं.









