
उत्तर प्रदेश के चर्चित 2013 के मुजफ्फरनगर सांप्रदायिक दंगों से जुड़े एक अहम मामले में कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। नंगला मंदौड़ पंचायत केस में उत्तर प्रदेश शासन के आदेश के बाद विशेष MP/MLA कोर्ट ने 25 आरोपियों को इस मुकदमे से पूरी तरह मुक्त कर दिया है। इस फैसले से क्षेत्र के कई दिग्गजों और बड़े नेताओं को बड़ी राहत मिली है।
इस बहुचर्चित मुकदमे में उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री कपिल देव अग्रवाल, पूर्व केंद्रीय मंत्री संजीव बालियान, पूर्व मंत्री सुरेश राणा और समाजवादी पार्टी के सांसद हरेंद्र मलिक समेत कई अन्य नामचीन नेता आरोपी बनाए गए थे। इन सभी पर साल 2013 में नंगला मंदौड़ में हुई पंचायत के बाद सरकारी कार्य में बाधा डालने और निषेधाज्ञा (धारा 144) के उल्लंघन का गंभीर आरोप लगा था। यह मामला लंबे समय से विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट में विचाराधीन था।
विशेष एमपी-एमएलए कोर्ट ने बुधवार को इस संबंध में अपना आदेश जारी किया। शासन स्तर से केस वापस लेने की अनुमति मिलने के बाद अदालत ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए सभी 25 आरोपियों के खिलाफ चल रहे इस मुकदमे को वापस ले लिया है। इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में इसकी चर्चा तेज हो गई है। 2013 की घटनाओं से जुड़े मामलों में इसे एक बड़ा कानूनी घटनाक्रम माना जा रहा है।









