
नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने बुधवार को प्रस्तावित Delimitation Bill को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पिछले 25 वर्षों में परिवार नियोजन नीतियों को सफलतापूर्वक लागू करने वाले दक्षिणी राज्यों को परिसीमन के कारण राजनीतिक प्रतिनिधित्व में नुकसान नहीं होना चाहिए।
पी चिदंबरम ने कहा कि लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों की संख्या को बरकरार रखा जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि सीटों में बड़ी बढ़ोतरी से सदन का स्वरूप बदल सकता है। उन्होंने कहा कि इससे लोकसभा की गरिमा प्रभावित होगी।
कांग्रेस नेता ने कहा कि तमिलनाडु और अन्य दक्षिणी राज्यों की हिस्सेदारी को भविष्य की किसी भी परिसीमन प्रक्रिया में सुरक्षित रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण और परिवार नियोजन जैसे कदम उठाने वाले राज्यों को दंडित नहीं किया जा सकता।
पी चिदंबरम ने कहा कि उनकी पार्टी प्रस्तावित कानून का संयुक्त संसदीय समिति (JPC) में विरोध करेगी और इसे वापस लेने की मांग करेगी। उन्होंने इसे अनावश्यक बताते हुए कहा कि परिवार नियोजन लागू करने वाले राज्यों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए।
उन्होंने झारखंड में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई पर भी प्रतिक्रिया दी और कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उन्होंने प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई की निंदा की है।









