दिल्ली, महाराष्ट्र और कर्नाटक समेत 5 राज्यों में ‘SIR’ शुरू, वोटर लिस्ट से न कट जाए नाम, तुरंत जान लें फॉर्म भरने का सही नियम…

चुनाव आयोग का वोटर वेरिफिकेशन अभियान 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (SIR) आज 30 जून से दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मेघालय और झारखंड में शुरू हो गया है। 29 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान के दौरान बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर वोटर लिस्ट का सत्यापन करेंगे। जानिए फॉर्म भरते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।

देश के पांच प्रमुख राज्यों— दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, मेघालय और झारखंड के नागरिकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण खबर है। चुनाव आयोग का विशेष वोटर वेरिफिकेशन अभियान, जिसे ‘स्पेशल इंटेंसिव रिविजन’ (SIR) कहा जाता है, आज मंगलवार 30 जून से आधिकारिक रूप से शुरू हो गया है। अगले एक महीने यानी 29 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वोटर लिस्ट को पूरी तरह शुद्ध और अपडेट करना है, ताकि केवल योग्य नागरिकों के नाम ही इसमें शामिल रहें।

घर-घर जाएंगे बीएलओ (BLO), 5 अगस्त को आएगी ड्राफ्ट लिस्ट

इस अभियान के तहत बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) घर-घर जाकर लोगों से संपर्क करेंगे और मौजूदा वोटर्स को एक ‘एन्यूमरेशन फॉर्म’ सौंपेंगे। नागरिकों को यह फॉर्म भरकर वापस बीएलओ को देना होगा। यदि वेरिफिकेशन के समय आपका घर बंद मिलता है, तो बीएलओ फॉर्म वहीं छोड़ देंगे और उसे वापस कलेक्ट करने के लिए कम से कम तीन बार आपके घर आएंगे। इस पूरी प्रक्रिया के बाद 5 अगस्त को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी की जाएगी, जिस पर दावे और आपत्तियां दर्ज करने के बाद 7 अक्टूबर को फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन होगा।

फॉर्म भरते समय इन 5 बड़ी बातों का रखें खास ख्याल:

  1. जब आप बीएलओ को भरा हुआ एन्यूमरेशन फॉर्म सौंपें, तो उसकी रसीद या एक्नॉलेजमेंट जरूर लें, जो आपके पास फॉर्म जमा करने का सबूत होगा।
  2. दिल्ली के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) के मुताबिक, एन्यूमरेशन फॉर्म के साथ फिलहाल कोई भी सहायक दस्तावेज या आईडी प्रूफ जमा करने की आवश्यकता नहीं है।
  3. यदि आपकी नई शादी हुई है और पिछली लिस्ट में नाम नहीं है, तो आप फॉर्म में अपने माता-पिता या दादा-दादी (मायके/पैतृक परिवार) की जानकारी दे सकते हैं, ससुराल पक्ष की नहीं।
  4. यदि आप घर पर उपलब्ध नहीं हैं, तो चुनाव आयोग के आधिकारिक वोटर पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन माध्यम से भी यह एन्यूमरेशन फॉर्म भर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने पुराने वोटर आईडी (EPIC) नंबर की जरूरत होगी।
  5. यदि वोटर लिस्ट में आपका या आपके माता-पिता का नाम नहीं है, तो आप एन्यूमरेशन फॉर्म में नाम दर्ज करवा सकते हैं। बाद में सत्यापन के लिए आपसे सपोर्टिंग डॉक्यूमेंट्स मांगे जा सकते हैं।

यदि ड्राफ्ट लिस्ट आने के बाद भी नाम में कोई गलती पाई जाती है, तो नागरिक 5 अगस्त से 4 सितंबर के बीच अपनी आपत्ति दर्ज कराकर उसे सुधार सकते हैं।

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