
Patna: बिहार की राजधानी पटना में आयोजित ‘बिहार AI शिखर सम्मेलन’ के दौरान उस वक्त भारी अफरा-तफरी मच गई, जब एंट्री न मिलने से नाराज दर्जनों छात्रों और BPSC अभ्यर्थियों ने मुख्य गेट पर ही जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। BPSC TRE 4 परीक्षा को लेकर अभ्यर्थियों के हालिया कड़े रुख को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से उन्हें परिसर के अंदर जाने से रोक दिया था।
DM और SSP ने संभाला मोर्चा
हंगामे की संवेदनशीलता को देखते हुए पटना के जिलाधिकारी (DM) त्यागराजन एसएम और एसएसपी (SSP) कार्तिकेय शर्मा तुरंत मौके पर पहुंचे। दोनों आला अधिकारियों ने नाराज छात्रों और अभ्यर्थियों को काफी समझाया-बुझाया, जिसके बाद छात्र शांत हुए। आपको बता दें कि इस हाई-प्रोफाइल शिखर सम्मेलन का आयोजन बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में किया गया है।
सीएम सम्राट चौधरी का मास्टरस्ट्रोक— 5 साल में 1 लाख भर्ती
छात्रों के आंदोलन और मांगों पर संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई और शुक्रवार को एक ऐतिहासिक घोषणा की। सरकार के फैसले के मुताबिक, बिहार में अगले पांच वर्षों के दौरान कुल 1 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, यानी हर साल कम से कम 20 हजार शिक्षकों की बहाली होगी। इसका आधिकारिक विज्ञापन हर साल जुलाई महीने में जारी किया जाएगा।
ट्रांसफर और स्कूल वर्दी को लेकर नई नीति
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों को बड़ी राहत देते हुए शिक्षा विभाग को नई नीति बनाने का निर्देश दिया है। अब महिला शिक्षकों का तबादला उनके घर के पास की पंचायत में और पुरुष शिक्षकों का तबादला उनके घर के निकटवर्ती प्रखंड (Block) में किया जाएगा। इसके साथ ही, स्कूलों में बच्चों की वर्दी की सप्लाई अब ‘जीविका’ के माध्यम से होगी, जिससे महिलाओं की आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा।









