
तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सोमवार को महिलाओं के लिए बड़ी कल्याणकारी योजना का ऐलान किया है। ‘अन्नपूर्णी सुपर 6’ योजना के तहत राज्य में महिला मुखिया वाले परिवारों को हर साल तीन मुफ्त LPG सिलेंडर दिए जाएंगे। यह योजना आगामी जनवरी में पोंगल त्योहार से शुरू की जाएगी।
4 हजार करोड़ रुपये का होगा वार्षिक बजट
मुख्यमंत्री ने विधानसभा में जानकारी देते हुए बताया कि इस योजना पर हर साल करीब 4,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए राज्य के 1.30 करोड़ से अधिक पात्र परिवारों को इसका लाभ मिलेगा।
किन परिवारों को मिलेगा योजना का फायदा
इस योजना में उन परिवारों को शामिल किया जाएगा जिनकी वार्षिक आय 2.5 लाख रुपये तक है। इसके अलावा आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, छोटे और सीमांत किसानों के परिवार तथा दिव्यांग व्यक्तियों वाले परिवार भी योजना के दायरे में आएंगे।
सरकारी व्यवस्था के तहत गैस सिलेंडर की कीमत की भरपाई की जाएगी और तेल कंपनियों के आधिकारिक बिल के आधार पर सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी के बाद राशि सीधे महिला परिवार प्रमुख के बैंक खाते में भेजी जाएगी।
महंगे गैस सिलेंडर के बोझ को कम करने की कोशिश
मुख्यमंत्री ने कहा कि वैश्विक आपूर्ति में बाधा और खाड़ी क्षेत्र में संघर्षों के कारण बढ़ी कीमतों ने पिछले कुछ महीनों में परिवारों पर आर्थिक दबाव बढ़ाया है। कई परिवारों को वैकल्पिक ईंधन का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ा।
उन्होंने कहा कि सरकार लोगों पर आर्थिक बोझ कम करने और महिलाओं के कल्याण को ध्यान में रखते हुए यह योजना शुरू कर रही है।
महिलाओं के लिए कई अन्य योजनाओं का भी ऐलान
मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘वेट्री विजन डॉक्यूमेंट’ के तहत महिलाओं की सुरक्षा, सामाजिक विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं पर काम किया जा रहा है। इनमें ‘सिंगा पेन’ टास्क फोर्स, ‘थैमामन थंगमोधिरम’, ‘वेट्री मगलीर आडुगल वलरप्पु’ और ‘अन्नानिन सीर’ जैसी योजनाएं शामिल हैं।
महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों को मुफ्त बस यात्रा
तमिलनाडु सरकार ने ‘वेट्री पयणम’ योजना की भी घोषणा की है। इसके तहत 2 अक्टूबर से महिलाओं और ट्रांसजेंडर यात्रियों के लिए मुफ्त बस यात्रा का दायरा बढ़ाया जाएगा।
इस योजना के तहत महानगरों और शहरी क्षेत्रों में चलने वाली एक्सप्रेस, लिमिटेड स्टॉप सर्विस (LSS) और डीलक्स सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों में चलने वाली साधारण किराया बसों में भी यह सुविधा लागू होगी।
सरकार के अनुसार, ‘वेट्री पयणम’ योजना पर हर साल करीब 6,000 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इस योजना में आय सीमा या यात्राओं की संख्या को लेकर कोई प्रतिबंध नहीं होगा।









