
श्री राम जन्मभूमि मंदिर के लिए मिले दान में कथित गबन के मामले में पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। कोर्ट से 14 घंटे की कस्टडी पूछताछ की अनुमति मिलने के बाद बुधवार को दोनों आरोपियों को अयोध्या जिला जेल से पुलिस ने अपनी हिरासत में लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी सुभाष चंद्र श्रीवास्तव और रामशंकर मिश्रा के रूप में हुई है। सुभाष चंद्र श्रीवास्तव मंदिर की नकदी गिनती प्रक्रिया की निगरानी करते थे। पुलिस दोनों आरोपियों से मामले को लेकर पूछताछ कर रही है।
पुलिस ने इससे पहले चार अन्य आरोपियों अवनीश शुक्ला, अनूप मिश्रा, लवकुश मिश्रा और कन्हैया पांडे को गिरफ्तार किया था। फिलहाल पुलिस हिरासत में सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है।
इस बीच अयोध्या हनुमान गढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने विपक्ष पर इस मामले का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जांच से सच्चाई सामने आएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
राजू दास ने कहा कि विपक्ष ने राम, राम मंदिर और आस्था के मुद्दे पर कुछ नहीं किया, लेकिन अब दान को लेकर सवाल उठा रहा है। उन्होंने कहा कि जांच जारी है और दोषियों को किसी भी स्थिति में बचाया नहीं जाएगा।
इससे पहले सोमवार को अयोध्या की अदालत ने राम मंदिर दान गबन मामले में आठ आरोपियों की न्यायिक हिरासत 14 दिन के लिए बढ़ा दी थी। आरोपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए थे और उन्हें 27 जुलाई को फिर पेश होना है।
वहीं सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि मंदिर में कथित दान गबन की स्वतंत्र जांच की मांग वाली याचिकाओं पर केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है।
सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) को मामले की स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि फिलहाल वह आरोपों की मेरिट पर विचार नहीं कर रहा है, बल्कि जांच की प्रगति से अवगत होना चाहता है।









