
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए यूपी विजिलेंस (सतर्कता अधिष्ठान) की टीम ने एक बहुत बड़ा और चौंकाने वाला खुलासा किया है। परिवहन विभाग (Transport Department) के एक छोटे स्तर से सेवानिवृत्त हुए अधिकारी ललित कुमार के ठिकानों पर जब विजिलेंस की टीम ने छापेमारी (Raid) की, तो वहाँ का मंजर देखकर खुद जांच अधिकारी भी दंग रह गए। रिटायर अफसर के घर से बेहिसाब सोना, चांदी, जवाहरात और चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज बरामद हुए हैं, जिसे देखकर लोग इसे “कुबेर का खजाना” कह रहे हैं।
ब्रेकिंग न्यूज़। लखनऊ में परिवहन विभाग के छोटे से रिटायर अफसर के घर छापे में "कुबेर का खजाना" मिला। इतना सोना चांदी, जवाहरात, प्लॉट मकान दुकान दुकान देख विजिलेंस वालों को "चक्कर" आ गया।
— भारत समाचार | Bharat Samachar (@bstvlive) July 8, 2026
ललित कुमार के ठिकानों पर UP विजिलेंस का छापा, 13 किलो सोना और 9 किलो चांदी बरामद। यूपी… pic.twitter.com/VdbpmPOF10
13 किलो सोना और 9 किलो चांदी बरामद
विजिलेंस सूत्रों से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, इस हाई-प्रोफाइल छापेमारी में अब तक करीब 13 किलोग्राम शुद्ध सोना और 9 किलोग्राम चांदी बरामद की जा चुकी है। सोने-चांदी के इन भारी-भरकम बिस्कुटों और आभूषणों की बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। इसके अलावा, भारी मात्रा में नकदी और कीमती जवाहरात भी बरामद किए गए हैं, जिनकी गिनती और मूल्यांकन की प्रक्रिया अभी भी जारी है।
अफसर छोटा, लेकिन साम्राज्य बड़ा:
इस कार्रवाई के बाद सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि परिवहन विभाग का एक अदना सा रिटायर अफसर इतनी बेहिसाब संपत्ति का मालिक कैसे बन बैठा? विजिलेंस टीम को ललित कुमार के नाम और बेनामी तौर पर दर्ज कई कोठियों, दुकानों, मकानों और कृषि भूमि (खेतों) के मालिकाना हक के कागजात मिले हैं। जांच एजेंसी अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि यह पूरा अकूत साम्राज्य ललित कुमार ने अपनी वैध सैलरी (आय) से बनाया या फिर पद पर रहते हुए किए गए बड़े भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी की बदौलत खड़ा किया था। संपत्तियों की कुल कीमत का सटीक आकलन करने के लिए वित्तीय विशेषज्ञों और सरकारी मूल्यांकनकर्ताओं की मदद ली जा रही है।









