
उत्तर-प्रदेश: अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की हालिया बैठक में बड़ा प्रशासनिक बदलाव देखने को मिला है। चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहे विवाद के बीच ट्रस्ट ने रिटायर्ड भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी कृष्ण मोहन को अंतरिम महामंत्री नियुक्त किया है। यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया।
इससे पहले ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय और अनिल मिश्रा का इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। उनके कार्यों की जिम्मेदारी अब कृष्ण मोहन को सौंपी गई है।
ट्रस्ट में नई जिम्मेदारी
ट्रस्ट की ओर से जानकारी देते हुए कोषाध्यक्ष गोविंदानंद गिरि ने बताया कि बैठक में कृष्ण मोहन के नाम पर सहमति बनी। इससे पहले वे ट्रस्ट के सदस्य के रूप में कार्यरत थे। पूर्व में सदस्य रहे कामेश्वर चौपाल के निधन के बाद रिक्त हुए पद पर भी उन्हें शामिल किया गया था।
नई जिम्मेदारी मिलने के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि ट्रस्ट में यदि किसी तरह की गड़बड़ी या दोष पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में प्रबंधन और संचालन में किसी प्रकार की कमी न रहे, इसके लिए सख्त व्यवस्था की जाएगी।
कृष्ण मोहन कौन हैं?
कृष्ण मोहन एक रिटायर्ड भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी हैं। उन्हें महाराष्ट्र कैडर में सेवा का अनुभव रहा है। वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से भी जुड़े रहे हैं और संगठन में पदाधिकारी के रूप में कार्य कर चुके हैं।
73 वर्षीय कृष्ण मोहन मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले के रहने वाले हैं। वे पिछले वर्ष ही Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust के सदस्य बनाए गए थे।
जिम्मेदारी और प्राथमिकताएं
अंतरिम महामंत्री बनने के बाद कृष्ण मोहन ने कहा कि ट्रस्ट की पारदर्शिता और विश्वसनीयता उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि दान और प्रबंधन से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं की जानकारी सार्वजनिक रूप से साझा की जाएगी, ताकि समाज का विश्वास मजबूत हो सके।









