घोसी के घमासान में किसकी पकड़ मजबूत, अब बीजेपी और सपा के दिग्गज उतरेंगे मैदान में ?

बड़े-बड़े दलों ने अपनी ताकत झोंक दी है. घोसी के चुनावी मैदान में बीजेपी ने अपने स्टार प्रचारकों को उतार दिया है.

घोसी का घमासान अपने चरम पर पहुंच गया है. सत्तापक्ष बीजेपी और विपक्षी दल सपा घोसी विधानसभा के चुनाव को अपना चुनाव बनाने में लगे हुए है. घोसी सीट को जीतने के लिए बड़े-बड़े दलों ने अपनी ताकत झोंक दी है. घोसी के चुनावी मैदान में बीजेपी ने अपने स्टार प्रचारकों को उतार दिया है. बीजेपी के धुरंधर अब चुनावी पैतरों को घोसी में आजमाने के लिए जुट गए है. वहीं समाजवादी पार्टी ने भी घोसी के जातीय समीकरण को साधने के लिए अपने मजबूत नेताओं पर बरोसा जताते हुए इस विधानसभा सीट के लिए पूरी बाजी लगा दी है.

स्टार प्रचारकों वाली लिस्ट

जहां बीजेपी के स्टार प्रचारकों वाली लिस्ट में फायर ब्रांड नेता सीएम योगी आदित्यनाथ, राजनाथ सिंह, भूपेंद्र सिंह चौधरी, केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, अनिल राजभर, सूर्य प्रताप शाही, स्वतंत्र देव सिंह, सहित 40 नाम शामिल है. तो वहीं सपा के स्टार प्रचारकों में अखिलेश यादव, शिवपाल सिंह यादव, स्वामी प्रसाद मौर्य, लालजी वर्मा, नरेश उत्तम पटेल, राम गोविंद चौधरी जैसे 16 नाम शामिल हैं.

आपको बता दें कि दारा सिंह चौहान के इस्तीफे के बाद से मऊ जिले की घोसी विधानसभा सीट को उपचुनाव का मुंह देखना पड़ रहा है. जहां घोसी विधानसभा के लिए समाजवादी पार्टी ने सुधाकर सिंह को चुनावी मैदान में उतारा है. वहीं बीजेपी के टिकट पर दारा सिंह चौहान चुनावी मैदान में है. खास बात ये भी है घोसी चुनाव के लिए सियासी बयानबाजी भी खूब जोरों पर चल रही हैं. कभी बीजेपी नेताओं की ओर से विपक्षियों पर निशाना साधा जाता है. तो कभी सपा की ओर से सरकार को कटघरे में खड़ा किया जाता है.

घोसी की जनता की इस बार चुनाव से क्या उम्मीदें हैं, उन्हें क्या अपने लिए क्या चाहिए। वो किस नेता को अपना मानते हैं अभी ये सबसे बड़ा सवाल हैं ?

देखें जातीय समीकरण….

घोसी सीट के लिए जातीय एंगल काफी ज्यादा मायने रखता है. घोसी की चुनावी हवा में जातिवाद काफी अच्छे से घुला हुआ हैं. इतना की हर कोई अपने पसंदीदा नेता को ही चुनाव में जीतते हुए देख चाहते हैं. घोसी के जातीय समीकरण की बात करें तो. यहां का जातीय समीकरण भी काफी दिलचस्प रहा हैं. घोसी विधानसभा में पिछड़े, मुस्लिम और दलित समेत अन्य का जातिगत फैक्टर भी काफी प्रभावी ढंग से रहा है,जो नेता इन लोगों को लुभाने में कामयाबी हासिल कर लेता हैं, तो मानों घोसी की सीट उसी की हो जाती हैं.बता दें कि 4.20 लाख मतदाताओं वाली घोसी सीट पर मुस्लितम वोटर करीब 85 हजार हैं. दलित 70 हजार, यादव 56 हजार, राजभर 52 हजार और चौहान वोटर करीब 46 हजार हैं. इसके अलावा लोधी जाति के लोगों का भी यहां पर काफी दबदबा माना जाता है.

ऐसा माना जा है कि इस जातीय समीकरण की वजह से सपा जीत की उम्मीद तो कर रही होगी, लेकिन दारा सिंह चौहान की पूर्वांचल में पिछड़ी जाति में अच्छी पकड़ है. अब एक तरफ बीजेपी के कद्दावर नेता दारा सिंह चौहान हैं तो दूसरी तरफ सपा के बाहुबली माने जाने वाले नेता सुधाकर सिंह हैं।

इस बार घोसी की विधानसभा सीट पर 5 सितंबर को वोटिंग होगी। घोसी की जनता का मूड क्या हैं,वो किन मुद्दों को ध्यान में रखकर चुनाव में वोट करेंगे। ये देखना काफी ज्यादा दिलचस्प होगा। क्योंकि यहां की सीट पर जीतने वाली पार्टी ही अपने जातीय खेल को खेलने में कामयाब हो पाएगी। इसका पता चलेगा.खैर अब देखना ये होगा कि घोसी के लोगों के मन में बसने में कौन सा नेता कामयाब हो पाता है।

Related Articles

Back to top button
Live TV