
डिजिटल स्टोरी- 2 जुलाई ये वो तारीख है,जब हाथरस में एक ऐसा सत्संग हुआ जिसमें सैकड़ों लोगों की जान चली गई.कितने परिवारों ने अपनो को खो दिया.उनके पास अब जीवन जीने की कोई आस बची नहीं है. जिसे भोले बाबा की एक झलक पाने के लिए अचानक से लोगों की भीड़ उमड़ी वो भोले बाबा उर्फ नारायण साकार हरि हादसे के बाद से ही रफ्फूचक्कर हो गया. और उस भोले बाबा को आज उन लोगों की याद आई जिन्होनें एक सत्संग में अपनी जान गवां दी.
सत्संग में हुई मौतों और पीड़ित परिवारों के लिए दुख जताने वाले भोले बाबा शोक संवेदना के समय में भी नारायण साकार हरि की संपूर्ण ब्रह्मांड में सादा-सादा के लिए जय-जयकार करना बिल्कुल भी नहीं भूले.
बाबा सूरज पाल ने लोगों से प्रशासन पर भरोसा बनाए रखे की बात तो कह दी, पर खुद उस हादसे की जिम्मेदारी लेने से भागते हुए दिखाई दे रहे है. बाबा अपने बयान में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा ये तो बोलते हुए दिखाई दे रहे है, पर खुद को वो उस हादसे का रति भर भी कसूरवार नहीं मानते है.
अब भारत समाचार का भोले बाबा से यहीं सवाल है कि— बाबा,,, जब लाखों भक्त एक जगह पर इकठ्ठा हुए तो क्या पुलिस प्रशासन को जानकारी नहीं दी गई.
जब इस तरीके का विभत्स हादसे का बाबा को पता चला तो क्या मौके पर रुक कर पीड़ितों को अस्पताल पहुंचाने के बारे में बिल्कुल भी याद नहीं आई.और अब बाबा जब बयान दे सकते हैं तो खुद को कानून के सामने क्यों नहीं पेश कर रहे है????
इसके अलावा सवाल ये भी है कि अगर इसी तरीके के बाबा देश में और हो गए…तो उनके वजह से जान से हाथ धोने वाले लोगों का जिम्मेदार कौन होगा.ऐसे बाबा तो सैकड़ों मौतों के बाद भी चुप होकर खुद को बेगुनाह और बेदाग बताते हैं??









