
मुंबई: अरबपति कारोबारी गौतम अदाणी और उनके परिवार ने रियल एस्टेट सेक्टर में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, अदाणी ग्रुप की रियल एस्टेट शाखा अदाणी प्रॉपर्टीज की वैल्यूएशन में 72 प्रतिशत की जबरदस्त बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह बढ़त ऐसे समय में आई है, जब रियल एस्टेट सेक्टर की कई बड़ी कंपनियों के वैल्यूएशन में गिरावट देखने को मिली है।
‘2026 GROHE-HURUN इंडिया रियल एस्टेट 150’ रिपोर्ट में कहा गया है कि अदाणी प्रॉपर्टीज तेजी से देश के सबसे बड़े रियल एस्टेट कारोबारों में शामिल हो रही है। रिपोर्ट में कहा गया कि गौतम अदाणी भारत के सबसे बड़े रियल एस्टेट बिजनेस के मालिक बनने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
अदाणी ग्रुप लंबे समय से रियल एस्टेट क्षेत्र में सक्रिय है। कंपनी के कई शहरों में बड़े प्रोजेक्ट चल रहे हैं। मुंबई में अडानी प्रॉपर्टीज धारावी पुनर्विकास परियोजना के साथ-साथ मोतीलाल नगर जैसे बड़े प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, प्रणव अदाणी और राजेश अदाणी के नेतृत्व में अदाणी प्रॉपर्टीज ने पिछले साल अपनी वैल्यूएशन में 38,000 करोड़ रुपये जोड़े। इसके साथ कंपनी की कुल वैल्यूएशन बढ़कर 90,400 करोड़ रुपये पहुंच गई। इस प्रदर्शन के साथ गौतम अदाणी देश के चौथे सबसे अमीर रियल एस्टेट उद्यमी बन गए हैं।
वहीं, दूसरी ओर रियल एस्टेट सेक्टर के लिए पिछला साल आसान नहीं रहा। रिपोर्ट के मुताबिक, BSE रियल्टी इंडेक्स में करीब 20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। 151 कंपनियों में से सिर्फ 31 कंपनियों की वैल्यू बढ़ी, जबकि 74 कंपनियों की वैल्यू में कमी आई।
हुरुन इंडिया के फाउंडर और चीफ रिसर्चर अनस रहमान जुनैद ने कहा कि रियल एस्टेट सेक्टर में गिरावट के बजाय बाजार की रफ्तार धीमी हुई है। उन्होंने बताया कि नई कंपनियों के प्रदर्शन से सेक्टर में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।
रिपोर्ट की रैंकिंग में DLF 1.46 लाख करोड़ रुपये की वैल्यूएशन के साथ पहले स्थान पर है। वहीं लोढ़ा डेवलपर्स 93,700 करोड़ रुपये के साथ दूसरे और टाटा ग्रुप की IHCL 93,300 करोड़ रुपये के साथ तीसरे स्थान पर है। गौतम अडानी चौथे स्थान पर हैं।
इसके अलावा OYO के संस्थापक रितेश अग्रवाल की कंपनी भी टॉप-10 में शामिल हुई है, जिसकी वैल्यूएशन बढ़कर 67,200 करोड़ रुपये हो गई है।









