वाराणसी के बीजेपी जिला उपाध्यक्ष पर 50 करोड़ की जमीन कब्जा करने का आरोप, मुकदमा दर्ज होने पर गरमाई राजनीति…

वाराणसी। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह सहित 10 लोगों पर बीमार बुजुर्ग शिक्षक से 50 करोड़ रुपए कीमत की करीब 70 विस्वा जमीन कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। कोर्ट के आदेश के बाद रोहनिया थाने में बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह समेत 10 लोगों पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है। पूरा मामला वाराणसी के रोहनिया थाना क्षेत्र के मोहनसराय का है, जहां एक बुजुर्ग महिला उर्मिला देवी ने अपने बीमार पति को इलाज के बहाने से 50 करोड़ की जमीन हड़प लेने का आरोप लगाया गया। इसकी शिकायत पुलिस से किए जाने पर पुलिस ने हीलाहवाली की तो पीड़िता कोर्ट, पहुंची जहां से मुकदमा दर्ज किए जाने के आदेश के बाद रोहनिया पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।

डायलिसी के बहाने जमीन कब्जा करने का आरोप…

पीड़िता उर्मिला देवी का आरोप है कि उनके पति ओम प्रकाश मिश्रा को डायलिसिस के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाने के बहाने साजिश के तहत जमीन हड़प लिया गया। उर्मिला देवी ने बताया महमूरगंज स्थित एक निजी चिकित्सालय में उनके पति का इलाज चल रहा था। 7 अप्रैल उनका डायलिसिस करवाया गया और अचेत अवस्था में आयुष्मान कार्ड बनाने के बहाने से उन्हें निबंधक कार्यालय लेजाकर उनकी करीब 70 विस्वा जमीन उनके भतीजे को विशाल मिश्रा को दान दिलवा दिया गया, यही नहीं उसी दिन कुछ घंटों के बाद उस जमीन के कुछ हिस्से को बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह को रजिस्ट्री और कुछ हिस्से को सट्टा कर दिया गया। इस मामले का खुलासा तब हुआ जब कुछ दिन बाद आयुष्मान कार्ड के बारे में ओम प्रकाश ने अपने भतीजे विशाल मिश्रा से पूछा। ऐसे में टालमटोल करते हुए भतीजा विशाल और ड्राइवर वहां से गायब हो गए।

जालसाजी होने पर पीड़िता ने दर्ज करवाया मुकदमा, विपक्ष ने बीजेपी पर किया कटाक्ष

जालसाजी की भनक लगते ही कोर्ट पहुंच उर्मिला देवी ने इस मामले की शिकायत की और कोर्ट के आदेश पर बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह सहित 10 लोगों पर कूटरचित तरीके से जमीन हड़पने के मामले में मुकदमा दर्ज करवाया। यह मामला सामने आने के बाद राजनैतिक गलियारे में हड़कंप मच गया। बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह का नाम सामने आने पर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने बीजेपी पर सीधा जुबानी हमला करना शुरू कर दिया। बीजेपी संगठन पर सवाल उठाए जाने पर बीजेपी जिला उपाध्यक्ष से संगठन ने जवाब तलब किया।

जिला उपाध्यक्ष ने दी सफाई, राजनीति के तहत उन्हें बदनाम करने की कोशिश…

50 करोड़ की जमीन हड़पने के आरोपी वाराणसी बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह ने खुद पर लगे आरोप और बीजेपी की हो रही बदनामी पर अपना पक्ष रखा। सुरेश सिंह ने बताया कि ओम प्रकाश सिंह की जमीन उन्होंने ओम प्रकाश सिंह से ना लेकर उनके भतीजे से लिया है, जिसे ओम प्रकाश सिंह ने दान में दे रखा है। उन्होंने कानून के तहत सभी प्रक्रिया को पूरा करते हुए जमीन की बिक्री और जमीन को सट्टा करवाया है। इसकी जानकारी उन्होंने बीजेपी संगठन के लोगो को भी दे दिया है। उन्होंने राजनैतिक पृष्ठभूमि का होने के नाते विपक्ष द्वारा मामले को बेवजह तूल देने की बात कह सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पर मानहानि किए जाने की चेतावनी दी।

जिला उपाध्यक्ष के सफाई पर उठे कई गंभीर सवाल…

बीजेपी जिला उपाध्यक्ष के द्वारा दी गई सफाई के दौरान कई गंभीर सवाल उठे। जिसमें सबसे पहले की उन्हें पारिवारिक विवाद पता होने के बाद भी उन्होंने जमीन सीधे जमीन के मालिक से ना खरीद भतीजे से ली ? आरोपी भतीजे विशाल को जिस दिन जमीन दान में दी गई उसके चंद घंटे के बाद ही ज़मीन की रजिस्ट्री करवाई गई। आखिर बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह को इतनी जल्दी क्या थी ? क्या जमीन ओम प्रकाश मिश्रा ने बेचने से इंकार किया था तो ऐसे में साजिश के तहत उनकी जमीन को दान कर्तव्य गया ? जमीन दान करने की इतनी जल्दी क्या थी कि अस्पताल से डायलिसिस से सीधे उन्हें निबंधक कार्यालय ले जाया गया ? क्या वह जमीन दान करते समय ओम प्रकाश मिश्रा की तबियत ठीक थी या नहीं ? क्या दान की गई जमीन के बारे में ओम प्रकाश मिश्रा के परिवार के अन्य सदस्यों को जानकारी थी ? या एक साजिश के तहत उन्हें अस्पताल से जमीन दान में दिलवाया गया ? ऐसे कई सवाल है जो बीजेपी के जिला उपाध्यक्ष सुरेश सिंह के द्वारा 50 करोड़ की जमीन हड़पने के मामले में खड़े हो रहे है। बहरहाल इस मामले में पुलिस अपनी जांच में जुटी हुई है।

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