
महाकुंभ 2025 का शुभारंभ सोमवार, 13 जनवरी से हो रहा है।
- 13 जनवरी को पौष पूर्णिमा का पहला स्नान पर्व होगा।
- पूर्णिमा तिथि की शुरुआत सुबह 5.03 बजे से होगी।
- पहला शाही स्नान यानि अमृत स्नान मकर संक्रांति के अवसर पर मंगलवार, 14 जनवरी को होगा।
- शाही स्नान का ब्रह्म मुहूर्त सुबह 5.27 बजे से 6.21 बजे तक रहेगा।
- विजय मुहूर्त दोपहर 2.15 बजे से 2.57 बजे तक रहेगा।
- गोधूलि मुहूर्त शाम 5.42 बजे से 6.09 बजे तक होगा।
- इस महाकुंभ में 144 साल बाद दुर्लभ शुभ संयोग बन रहा है।
शाही स्नान का क्रम:
- सुबह 6.15 बजे: सबसे पहले महानिर्वाणी अखाड़े के नागा संन्यासी स्नान करेंगे।
- इसके साथ श्री शंभू पंचायती अटल अखाड़ा भी स्नान करेगा।
- सुबह 7:05 बजे: निरंजनी अखाड़ा और आनंद अखाड़ा स्नान करेंगे।
- सुबह 8:00 बजे:
- जूना अखाड़ा,
- आवाहन अखाड़ा,
- पंच अग्नि अखाड़ा स्नान करेंगे।
- सुबह 10:40 बजे:
- सबसे पहले निर्मोही अनि अखाड़ा स्नान करेगा।
- इसके बाद बैरागी अखाड़े स्नान करेंगे।
- सुबह 11:20 बजे: दिगंबर अनि अखाड़ा स्नान करेगा।
- दोपहर 12:20 बजे: निर्वाणी अनि अखाड़ा स्नान करेगा।
- दोपहर 1:15 बजे:
- पंचायती नया उदासीन अखाड़ा स्नान करेगा।
- दोपहर 2:20 बजे:
- पंचायती अखाड़ा बड़ा उदासीन स्नान करेगा।
- दोपहर 3:40 बजे:
- सबसे अंत में पंचायती निर्मल अखाड़ा स्नान करेगा।
महाकुंभ के आयोजन का महत्व
महाकुंभ का पहला शाही स्नान 13 जनवरी से शुरू होकर 26 फरवरी 2025 तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न शुभ संयोगों में स्नान पर्व आयोजित होंगे, जिसमें लाखों श्रद्धालु संगम के पवित्र जल में आस्था की डुबकी लगाएंगे।









